फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: महिला के बेघर होने के डर का फायदा उठा किया दुर्व्यवहार, मानव तस्करी के आरोप में भारतीय मोटल मैनेजर को जेल

Fri, 08 Dec 2023 09:13 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

71 साल के श्रीश तिवारी ने सन् 2020 में जॉर्जिया के कार्टर्सविले में बजटेल मोटल का काम शुरू किया था। इसी दौरान उसने एक महिला को मोटल में नौकरानी के रूप में काम पर रखा और उसे रहने के लिए एक कमरा दिया।
विज्ञापन
US Court - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जॉर्जिया में एक भारतीय मोटल प्रबंधक को गुलामी के लिए एक महिला की तस्करी करने के जुर्म में 57 महीने जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा, सात लोगों को 40 हजार डॉलर से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

विज्ञापन


पीड़िता की थी मजबूरी
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, 71 साल के श्रीश तिवारी ने सन् 2020 में जॉर्जिया के कार्टर्सविले में बजटेल मोटल का काम शुरू किया था। इसी दौरान उसने एक महिला को मोटल में नौकरानी के रूप में काम पर रखा और उसे रहने के लिए एक कमरा दिया। तिवारी को पता था कि पीड़िता पहले ही बेघर हो चुकी है। वह नशे की लत से जूझ रही थी और अपने छोटे बच्चे की कस्टडी खो चुकी थी।

ऐसे दिया सहारा
तिवारी ने पीड़िता से वादा किया था कि वह उसे वेतन और रहने के लिए एक अपार्टमेंट देगा। इसके अलावा उसके बच्चे को हासिल करने में उसकी मदद करने के लिए भी कहा था। लेकिन तिवारी ने बाद में ऐसा कुछ नहीं किया। बल्कि पीड़िता को मोटल में आने वाले लोगों से भी बात करने को मना कर दिया। इतना ही नहीं, पीड़िता अपने घरवालों से बात करना बंद कर दें, इसके लिए उसे बरगलाया कि उसके घरवाले उसकी परवाह नहीं करते हैं। 
विज्ञापन


 कानून प्रवर्तन को नशे की ...
अभियोजकों ने कहा कि तिवारी ने पीड़िता के साथ यौन संबंध बनाए और अक्सर उसे मोटल से निकालने की धमकी देता था। साथ ही उसके नशे के सेवन की जानकारी कानून प्रवर्तन या बाल कल्याण एजेंसियों को देने की भी धमकी देता था। पीड़िता ने बताया कि तिवारी ने एक दिन उसे रात में कमरे से बाहर निकालकर अंदर से बंद कर लिया था और उसे धमकी दी थी कि अगर उसे रहना है तो शारीरिक संबंध बनाने होंगे। 

कहीं भी हो सकती है मानव तस्करी
न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की सहायक अटॉर्नी जनरल क्रिस्टन क्लार्क ने कहा, 'मानव तस्करी कहीं भी हो सकती है क्योंकि तस्कर किसी की कमजोरियों की पहचान करने में माहिर होते हैं। कमजोरी पहचान कर व्यक्ति को उम्मीद देते हैं और उनका फायदा उठाते हैं।'

उन्होंने कहा कि अदालत आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने और सजा सुनाने का इरादा रखता है ताकि ऐसे किसी भी व्यक्ति को कड़ी चेतावनी मिल सके। गृह सुरक्षा जांच (एचएसआई) अटलांटा के कार्यवाहक विशेष एजेंट इन चार्ज ट्रैविस पिकार्ड ने कहा कि तिवारी ने पीड़िता के बेघर होने के डर का इस्तेमाल कर उसके साथ गलत व्यवहार किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें