सार
चक्रवात ‘दित्वाह’ से श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन का कहर जारी है, जहां कई इलाके पूरी तरह कट गए हैं। इस संकट के बीच भारत का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ सबसे बड़ी उम्मीद बना है।भारतीय एनडीआरएफ ने पुत्तलम में मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए नौ महीने की गर्भवती महिला को सुरक्षित बचाकर तुरंत चिकित्सा मदद पहुंचाई।
भारत ने श्रीलंका भेजी मानवीय सहायता (File Photo)
- फोटो : ANI
श्रीलंका इन दिनों चक्रवात ‘दित्वाह’ से हुई भारी तबाही से जूझ रहा है। देश में लगातार हो रही बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों को पूरी तरह काट दिया है। ऐसी भयावह स्थिति में श्रीलंका के लिए भारत का राहत अभियान सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। बाढ़ और भूस्खलन से जूझते कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर हैं, वहीं भारतीय एनडीआरएफ टीम ने पुत्तलम जिले में मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए नौ महीने की गर्भवती महिला को सुरक्षित बचाकर तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाई।
बता दें कि 'चक्रवात दित्वाह' के चलते श्रीलंका में लगातार हो रही बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों को पूरी तरह काट दिया है। कई स्थानों पर सड़कें टूट गई हैं और राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि 16 नवंबर से अब तक 390 लोगों की मौत हो चुकी है और 352 लोग लापता हैं। ऐसे में भारत ने एक अच्छे पड़ोसी होने का परिचय देते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया और श्रीलंका की मदद के लिए बड़ा राहत अभियान चलाया है, जिसे ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ नाम दिया गया है।
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नौ महीने की गर्भवती महिला को बचाया
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, पुत्तलम जिले में एनडीआरएफ ने नौ महीने की गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। इसके अलावा एनडीआरएफ टीमों ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगभग 800 लोगों तक खाने और जरूरी सामान की सप्लाई पहुंचाई, जो बाढ़ के कारण फंसे हुए थे।
इसी राहत अभियान में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 5.5 टन से अधिक राहत सामग्री हवा से गिराई। कई क्षेत्रों में जमीन पर उतरना संभव नहीं था, इसलिए हेलीकॉप्टरों से सामग्री ऊपर से पहुंचाई गई। वायुसेना ने गंथुना इलाके से चार गंभीर रूप से घायल लोगों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी।
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लापता लोगों की तलाश जारी, जानिए पूरा अपडेट
गौरतलब है कि बड़ौदा जिले में लापता लोगों की तलाश भी जारी है, जहां एनडीआरएफ ने पांच फीट से ज्यादा मलबे के नीचे से एक व्यक्ति का शव निकाला। इसके अलावा, भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सुकन्या से त्रिंकोमाली पहुंची राहत सामग्री को श्रीलंका वायुसेना ने पूर्वी प्रांत के बेहद प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के मुताबिक, 25 जिलों के 382,651 परिवारों यानी लगभग 13.7 लाख लोग खराब मौसम से प्रभावित हुए हैं।