बलूच लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने दावा किया है कि पहली बार उसने महिला फिदायीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के फ्रंटियर कोर के एक सुरक्षित परिसर पर हमला किया। यह परिसर चीन के कॉपर और गोल्ड प्रोजेक्ट से जुड़ा है। हमलावर ने सुरक्षा गेट पर खुद को विस्फोट से उड़ा दिया, जिससे अन्य बीएलएफ लड़ाके परिसर में घुस सके।
बलूचिस्तान के चगाई में फ्रंटियर कोर के एक सुरक्षित परिसर पर रविवार शाम को बलूच लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने हमला किया। यह परिसर चीन के कॉपर और गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। इस हमले में छह पाकिस्तानी जवानों की मौत हुई। हमले की खास बात यह है कि बीएलएफ ने दावा किया है कि यह पहली बार कि जब उसने किसी भी हमले में महिला आत्मघाती हमलावर का इस्तेमाल किया। हमलावर का नाम जरीना रफीक, जिसे ट्रांग महू भी कहा जाता है। जरीना ने सुरक्षा गेट पर खुद को विस्फोट से उड़ा दिया ताकि अन्य बीएलएफ के लड़ाके मुख्य परिसर में घुस सकें।
मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले से बीएलएफ की रणनीति बदल गई है। अब वे सीधे महत्वपूर्ण और विदेशी निवेश वाले प्रोजेक्ट्स को निशाना बना रहे हैं। यह परिसर साइंडक और रेको दीक प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है, जिनमें चीनी कंपनियों और एक कनाडाई कंपनी का भी काम है। इस हमले को लेकर बीएलएफ ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि यह ऑपरेशन उनके ‘आत्मसमर्पण’ यूनिट, साद्दो ऑपरेशनल बटालियन (एसओबी) के जरिए किया गया, जो शहीद कमांडर वाजा सादो के नाम पर है।
बीएलए के हमलों में कौन-कौन से हमले शामिल थे