मानवाधिकार परिषद के 52वें सत्र के अंत में राजदूत ने महात्मा गांधी द्वारा अपनाई गई पांच मुख्य अवधारणाओं के बारे में बात की, जो अहिंसा, सत्याग्रह, सर्वोदय, स्वराज और ट्रस्टीशिप हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि इंद्र मणि पांडे ने शुक्रवार को मानवाधिकार परिषद में महात्मा गांधी की सत्याग्रह और अहिंसा जैसी अवधारणाओं पर प्रकाश डाला। पांडे ने भारत और 89 अन्य देशों की ओर से परिषद में कहा कि महात्मा गांधी द्वारा अपनाए गए मानवाधिकारों के विचारों में सार्वभौमिक मूल्यों की मजबूत प्रतिध्वनि है।
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भारतीय मिशन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राजदूत पांडे ने जोर देकर कहा कि गांधी की रकाजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समावेश की वकालत विकास लक्ष्यों में प्रकट हुई है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महात्मा गांधी, महिलाओं और लड़कियों के साथ-साथ कमजोर वर्ग के लोगों को उनके अधिकारों और गरिमा को सुरक्षित रखने में दृढ़ विश्वास रखते थे।
मानवाधिकार परिषद के 52वें सत्र के अंत में राजदूत ने महात्मा गांधी द्वारा अपनाई गई पांच मुख्य अवधारणाओं के बारे में बात की, जो अहिंसा, सत्याग्रह, सर्वोदय, स्वराज और ट्रस्टीशिप हैं। उन्होंने इस ओर भी इशारा किया ये सभी अवधारणाएं संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांत भी हैं।