ब्रिटेन में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी
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ब्रिटेन में प्रवासी नागरिकों के विरोध में हिंसक झड़पें हो रहीं हैं। यह हिंसा एक कार्यक्रम के दौरान हुए हमले में तीन बच्चियों की हत्या के विरोध में भड़की है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे। इन सबके बीच, लंदन में भारत के उच्चायोग ने ब्रिटेन की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने भारत से आने वाले पयर्टकों को ब्रिटेन में यात्रा करते समय सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसी आपात स्थिति में लंदन के एल्डविच में इंडिया हाउस के लिए उपलब्ध कराया गया संपर्क +44-2078369147 व inf.london@mea.gov.in है। इसे अवश्य ध्यान रखें।
एडवाइजरी में कहा गया है कि ब्रिटेन जाने वाले भारतीय सतर्क रहें और सावधानी बरतें। बीते सप्ताह उत्तर-पश्चिमी इंग्लैंड के शहर साउथपोर्ट में तीन बच्चियों की चाकू घोंपकर हत्या किए जाने की घटना के बाद पूरे देश में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसे देखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है।
लंदन में भारतीय उच्चायोग ने कहा, 'भारतीय यात्रियों को ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में हाल ही में हुई अशांति के बारे में पता होगा। लंदन में भारतीय उच्चायोग स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। भारत से आने वाले पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे यहां यात्रा करते समय सतर्क रहें और सावधानी बरतें। स्थानीय समाचारों और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी की गई सलाह का पालन करें और उन क्षेत्रों से बचें, जहां विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।'
कई जगह रात भर चलीं झड़पें
उत्तर में बर्मिंघम और दक्षिणी इंग्लैंड में प्लायमाउथ में सोमवार रात भर प्रदर्शनकारियों के दो समूहों के बीच झड़पें देखी गईं। उत्तरी आयरलैंड के बेलफ़ास्ट में संदिग्ध घृणा अपराध में हमले के बाद अस्पताल में एक व्यक्ति गंभीर हालत में है, और उत्तरी इंग्लैंड के डार्लिंगटन में पुलिस अधिकारियों पर ईंटों से हमला किया गया। ब्रिटिश सरकार ने सैकड़ों गिरफ्तारियों के कारण कैदियों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करने के लिए जेल की क्षमता बढ़ाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
ऑनलाइन बॉट्स पर नकेल
आतंकवाद निरोधक पुलिस के पूर्व प्रमुख नील बसु ने गलत सूचना पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त सख्त कार्रवाई नहीं करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को भी दोषी ठहराया और कहा कि अगर जिम्मेदारी नहीं निभाई गई तो हमें विज्ञापनदाताओं से सोशल मीडिया दिग्गजों की फंडिंग में कटौती करने की अपील करनी चाहिए। इस बीच, यूके की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) और विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग यूके दंगों के बारे में गलत सूचना और दुष्प्रचार को बढ़ावा देने में विदेशी हाथ होने की भूमिका की जांच कर रहे हैं। इसमें स्वचालित ऑनलाइन बॉट्स पर नकेल कसना भी शामिल है।