भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इलिनोइस से प्राइमरी चुनाव जीत लिया है। अपने निर्वाचन क्षेत्र में ज्यादा लोकप्रिय होने की वजह से 80 फीसदी वोटों के साथ राजा कृष्णमूर्ति ने जीत दर्ज की है। प्राइमरी जीत के बाद अब कृष्णमूर्ति तीसरी बार संसदीय चुनाव लड़ेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के लिए उनकी उम्मीदवारी तय है।
अमेरिका में नवंबर में होने वाले आम जुनाव में राजा कृष्णमूर्ति अपनी दावेदारी पेश करेंगे। कृष्णमुर्ति के प्रतिद्वंद्वी विलियम ओल्सन को अपने संसदीय क्षेत्र से केवल 13% वोट ही मिले। हालांकि कोरोना वायरस को देखते हुए 17 मार्च को होने वाला रिपब्लिक पार्टी का चुनाव रद्द कर दिया गया।
जीत के बाद राजा कृष्णमूर्ति ने अपने समर्थकों को ई-मेल कर धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि संसद में इलिनोइस की 8वीं कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार होने पर गर्व है। अगर दोबारा जीत होगी तो जनता की भलाई के लिए काम करूंगा और कोरोना से सभी अमेरिकी वासियों को सुरक्षित रखुंगा।
कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति?
राजा कृष्णमूर्ति पहले ऐसे भारतीय अमेरिकी नागरिक हैं जो अमेरिकी संसद की पर्मानेंट सिलेक्ट कमिटी ऑन इंटेलिजेंस के सदस्य हैं। पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लाए गए महाभियोग के दौरान उन्होंने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा था। इससे अमेरिकी संसद में उनकी एक अलग पहचान बनी।
कृष्णमूर्ति अमेरिका और भारत के रिश्तों के हिमायती हैं। वो विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर होने वाली चर्चाओं में भी शामिल होते हैं। वे इकोनॉमिक और कंज्यूमर पॉलिसी सब-कमिटी के चेयरमैन भी हैं।