अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद इस देश की दो तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक ओर प्रदर्शनकारी अमेरिका की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी तस्वीर शांतिप्रिय लोगों का प्रतिनिधित्व कर रही है।
अमेरिका में हिंसक प्रदर्शनों के बीच एक भारतीय अमेरिकी ने 70 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अपने घर पर पनाह देकर लोगों का दिल जीत लिया है।
मिनियापोलिस में 25 मई को एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने अपने घुटने से करीब आठ मिनट तक जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन दबाई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद हजारों लोग जॉर्ज फ्लॉयड के लिए इंसाफ की मांग लेकर अमेरिका की सड़कों पर उतर गए।
वॉशिंगटन डीसी में रहने वाले राहुल दुबे ऐसे ही कई प्रदर्शनकारियों को अपने घर में जगह दे चुके हैं। एस्क्वायर पत्रिका को दिए एक सक्षात्कार में 44 वर्षीय राहुल ने बताया कि करीब 75 लोग उनके घर में रहे थे।
राहुल ने बताया कि एक मां और बेटी के परिवार को उन्होंने अपने बेटे का कमरा रहने के लिए दिया था, जिसके बाद उनके पास रहने के लिए एक सोफे जितनी जगह ही बची थी। राहुल ने बताया कि लोग इतने ज्यादा थे कि बाथटब में भी लोगों को रहने पर मजबूर होना पड़ा।
राहुल ने बताया कि प्रदर्शनकारी उनके घर में सुरक्षित थे। वे एक-दूसरे को सहारा दे रहे थे। राहुल के इस काम के लिए सोशल मीडिया पर उनकी काफी सराहना हो रही है। एक कार्यकर्ता ने ट्वीट किया- राहुल ने कल रात हमारी जान बचाई। वहीं एक दूसरे प्रदर्शनकारी एलिसन लेन ने लिखा कि पेपर स्प्रे से पुलिस ने मुझे घायल कर दिया था, लेकिन अब मैं डीसी में एक घर में सुरक्षित रह रहा हूं।