भारत ने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में योगदान करने वालों शीर्ष देशों में से एक अमेरिका की उस पहल का स्वागत किया है, जिसमें विश्व संस्था के शांति अभियान के तरीकों को सुधारने का निर्णय लिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने हाल ही में घोषणा की थी कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तरीकों में बदलाव कर रहा है। इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ‘शांति मिशन पर हमारे विचार साफ हैं।
खुद के द्वारा शांति मिशन एक व्यवस्था है और संयुक्त राष्ट्र समस्याओं के समाधान इसका इस्तेमाल करता है। लिहाजा अगर अमेरिका शांति मिशन के कुछ खामियों को संबोधित करना चाहता है तो यह स्वागत योग्य सुधार है।
हम शांति मिशन में व्यापक योगदान देते हैं लेकिन हम इससे परे भी हैं। भारत का संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में व्यापक योगदान है क्योंकि फील्ड में हमारे 7000 बल हैं। लेकिन हम अन्य विकल्पों को देखने को तैयार हैं, जो दूसरे देशों में हो सकते हैं।’
उन्होंने यह भी कहा कि इस मसले पर भारत और अमेरिका में मतभेद नहीं है। हम एक भागीदार के तौर पर देख रहे हैं और हम अफ्रीका से शांति मिशन प्रशिक्षण समेत शांति मिशन के व्यापक क्षेत्रों में अमेरिका के साथ काम कर रहे हैं। भारत और अमेरिका दोनों अफ्रीका में शांति स्थापना में लगे हैं।