अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापार वार्ता बहुत अच्छी चल रही है और जल्द ही दोनों देशों के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर जो 26% टैरिफ लगाया था, उस पर फिलहाल 90 दिनों की रोक लगाई गई है ताकि बातचीत का रास्ता खुला रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि मुझे लगता है हम भारत के साथ समझौता कर लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी यहां कुछ हफ्ते पहले आए थे और वे भी इस दिशा में इच्छुक हैं।
'अब सिर्फ भारत की मंजूरी का इंतजार'
वहीं इस व्यापार समझौते को लेकर अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर एक समझौता तैयार हो चुका है और अब सिर्फ भारत की मंजूरी का इंतजार है। वहीं इस मामले में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डील करने के बहुत करीब है और जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है।
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क्या है प्रस्तावित समझौते में खास, समझिए
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर भारत अमेरिका को फॉरवर्ड मोस्ट फेवर्ड नेशन (FMFN) क्लॉज की पेशकश कर सकता है, जिससे अमेरिका को हमेशा सबसे अनुकूल टैरिफ शर्तें मिलेंगी। यह क्लॉज भारत ने अब तक बहुत कम देशों को दिया है। इसमें भारत ने कृषि क्षेत्र में कई रियायतें देने की बात कही है, जैसे मांस, मछली, फल और जूस जैसे उत्पादों पर शुल्क 30-100% से घटाकर 5% करना। इतना ही नहीं जानकारों की माने तो भारत लगभग 12,000 टैरिफ लाइनों में से 90% पर तुरंत रियायत देने को तैयार है। बाकी पर रियायतें धीरे-धीरे दी जाएंगी।
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इन क्षेत्रों में ज्यादा टैरिफ की मांग
वहीं दूसरी तरफ
इसके बदले भारत अमेरिका से कपड़ा, खिलौने, चमड़े के उत्पाद, गहने और ऑटो पार्ट्स जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए बेहतर टैरिफ शर्तें मांग रहा है। साथ ही, भारत ने फार्मास्यूटिकल्स और इंजीनियरिंग सामान के लिए अमेरिका से लंबी अवधि की प्रतिबद्धता भी मांगी है ताकि वह अमेरिका की सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन सके। बता दें कि टैरिफ नीति को लेकर दोनों देशों के बीच 24 व्यापार क्षेत्रों में से 19 पर बातचीत तेजी से हो रही है, जबकि बाकी 5 क्षेत्रों जैसे सोयाबीन, मक्का और सैन्य उपकरण पर चर्चा का अगला चरण होगा।