फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Defence: भारत को मिलेंगे ₹11.08 अरब के सैन्य हार्डवेयर, रसद सहायता भी मिलेगी; अमेरिकी एजेंसी DSCA ने दी मंजूरी

Thu, 01 May 2025 04:26 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की प्रमुख एजेंसी- DSCA ने भारत को सैन्य हार्डवेयर और रसद सहायता मुहैया कराने को मंजूरी दी है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों के तहत 131 मिलियन अमरीकी डॉलर (लगभग 11.08 अरब रुपये) मूल्य के महत्वपूर्ण सैन्य हार्डवेयर और रसद सहायता आपूर्ति प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। 
विज्ञापन
पेंटागन - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत को अमेरिका से ₹11.08 अरब के सैन्य हार्डवेयर मिलेंगे। अमेरिकी एजेंसी भारत को जरूरी रसद सहायता भी देगी। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय- पेंटागन के तहत काम करने वाली एजेंसी- DSCA ने संभावित बिक्री के बारे में अमेरिकी कांग्रेस को भी सूचित किया है। 
विज्ञापन

भारत से अमेरिका की अपील- हमसे सैन्य खरीद बढ़ाएं
सैन्य हार्डवेयर और रसद आपूर्ति को मंजूरी ऐसे समय में मिली है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार और अमेरिकी प्रशासन भारत को सैन्य खरीद के लिए अमेरिका से और रिश्ते बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहा है। डीएससीए का मिशन साझा चुनौतियों का जवाब देने के लिए दूसरे देशों के सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाना और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के हितों को आगे बढ़ाना है।

अमेरिकी एजेंसी- DSCA की मंजूरी के बाद भारत को क्या मिलेगा
विदेश विभाग ने जिस 131 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत वाले जिस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, इससे भारत को इंडो-पैसिफिक समुद्री डोमेन में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके लिए अमेरिका ने संबंधित उपकरणों की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री को भी मंजूरी दी है।

ये भी पढ़ें- US: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने फिर दोहराई गलती! हूतियों पर हमले की चैट दूसरी बार हुई लीक

समुद्री क्षेत्र में बेहतर क्षमता हासिल करने का प्रयास, अमेरिकी मंजूरी...
भारत ने समुद्री क्षेत्र में बेहतर क्षमता विकसित करने के लिए अमेरिका से सी विजन दस्तावेजों और रसद से जुड़ी दूसरी चीजों तक पहुंच सुनिश्चित कराने की अपील भी की थी। इसके अलावा 'सी-विजन सॉफ्टवेयर', 'रिमोट सॉफ्टवेयर' और 'विश्लेषण से जुड़ी मदद' वाली खरीद को लेकर भी बात हुई थी। इन आपूर्तियों के लिए अमेरिका सहमत हुआ है या नहीं, इस पर भारतीय अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

ये भी पढ़ें- US: अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर तैनात होंगे 3000 और सैनिक, अवैध आव्रजन पर कसेंगे लगाम; पेंटागन ने की घोषणा

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता पर भी असर होगा
इस प्रस्तावित बिक्री से अमेरिका-भारत रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। अमेरिका अपनी विदेश नीति के तहत एक प्रमुख रक्षा साझेदार की सुरक्षा में सुधार करने में मदद कर रहा है। बता दें कि दोनों देश हिंद-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्रों में राजनीतिक स्थिरता, शांति और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति बने हुए हैं।
विज्ञापन

वर्जीनिया का ठेकेदार करेगा आपूर्ति
अमेरिका के मुताबिक भारत को सैन्य हार्डवेयर और रसद को अपने सशस्त्र बलों में शामिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। इससे बुनियादी सैन्य संतुलन में भी कोई बदलाव नहीं होगा। अमेरिकी रक्षा तैयारियों पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। आपूर्ति करने वाला मुख्य ठेकेदार वर्जीनिया के हर्नडन स्थित हॉकआई 360 होगा।

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें