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India-Pakistan: 'निर्णायक ताकत इस्तेमाल की', सात विश्लेषकों ने भारत को बताया संघर्ष का विजेता, गिनाईं वजहें

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 15 May 2025 07:46 PM IST

सार

सैटेलाइट इमेजिंग और रक्षा मामलों के विशेषज्ञों ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर विश्लेषण किया है। इनमें ऑस्ट्रिया के टॉम कूपर से लेकर अमेरिका के जॉन स्पेंसर तक का नाम शामिल है। इसके अलावा कई और विश्लेषकों ने भी अपना पक्ष रखा है। 
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भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष पर डिफेंस एक्सपर्ट्स ने किया विश्लेषण। - फोटो : अमर उजाला
भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना की तरफ से सबूत दिए जाने के बाद अब पश्चिमी देशों की मीडिया ने भी पाकिस्तान के दावों को नकारना शुरू कर दिया है। फिर चाहे बात न्यूयॉर्क टाइम्स की हो या वॉशिंगटन पोस्ट की, दुनिया के अधिकतर संस्थानों ने भारत-पाकिस्तान के हालिया संघर्ष को भारत की स्पष्ट जीत करार देना शुरू कर दिया है। हालांकि, पश्चिमी मीडिया के इन दावों से पहले ही रक्षा मामलों के कई विशेषज्ञ संघर्ष में भारत को निर्णायक बढ़त होने की बात कह चुके थे। 

एक और वार से नेस्तनाबूद हो जाता पाकिस्तान: ऑस्ट्रियाई रक्षा विशेषज्ञ ने भारत को करार दिया विजेता, बताईं वजहें
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भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष पर डिफेंस एक्सपर्ट्स ने किया विश्लेषण। - फोटो : अमर उजाला
भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय सेना की तरफ से सबूत दिए जाने के बाद अब पश्चिमी देशों की मीडिया ने भी पाकिस्तान के दावों को नकारना शुरू कर दिया है। फिर चाहे बात न्यूयॉर्क टाइम्स की हो या वॉशिंगटन पोस्ट की, दुनिया के अधिकतर संस्थानों ने भारत-पाकिस्तान के हालिया संघर्ष को भारत की स्पष्ट जीत करार देना शुरू कर दिया है। हालांकि, पश्चिमी मीडिया के इन दावों से पहले ही रक्षा मामलों के कई विशेषज्ञ संघर्ष में भारत को निर्णायक बढ़त होने की बात कह चुके थे। 

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किन-किन विशेषज्ञों-अंतरराष्ट्रीय समूहों ने संघर्ष में भारत को बताया विजेता?
जिन विशेषज्ञों ने अब तक भारत को संघर्ष में विजयी करार दिया है, उनमें... 
  1. टॉम कूपर
  2. जॉन स्पेंसर
  3. पाउलो एगुअर
  4. वॉल्टर कार्ल लैडविग 
  5. विलियम गुडहिंड
  6. क्रिस्टोफर क्लेरी
  7. जेफरी लुइस जैसे नाम शामिल हैं।
आइये जानते हैं कि इन सैटेलाइट इमेजिंग और रक्षा मामलों के विशेषज्ञों ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर क्या-क्या कहा है...

1. टॉम कूपर
भारत और पाकिस्तान संघर्ष को लेकर सटीक विश्लेषण करने वालों में ऑस्ट्रिया के एविएशन एक्सपर्ट टॉम कूपर सबसे पहले थे। सबस्टैक नाम के प्लेटफॉर्म में अपने लेख में कूपर ने हर दिन का ब्योरा देते हुए बताया था कि किस तरह भारत ने योजनाबद्ध तरीके से पाकिस्तान के हर एक हमले को न सिर्फ नाकाम किया, बल्कि अपने सटीक पलटवारों से पाकिस्तान की आगे वार करने की क्षमता को ही खत्म कर दिया। 

2. जॉन स्पेंसर
अमेरिका के अर्बन वॉरफेयर इंस्टीट्यूट के निदेशक और आधुनिक संघर्ष से जुड़े मामलों की स्टडी करने वाले जॉन स्पेंसर ने भी भारत के ऑपरेशन सिंदूर को निर्णायक शक्ति का प्रदर्शन करार दिया और इसे सही ढंग से लागू करने की बात कही। स्पेंसर ने कहा कि भारत को संघर्ष में जबरदस्त जीत मिली।

ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर अमेरिका के प्रसिद्ध शहरी युद्ध विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर ने कहा है कि यह भारत की एक निर्णायक सैन्य जीत है जिसने न केवल आतंक के खिलाफ उसकी रणनीति को नए स्तर पर पहुंचाया है, बल्कि पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश भी दे दिया है कि अब आतंक का जवाब युद्ध से मिलेगा। जॉन स्पेंसर, जो कि मॉडर्न वॉर इंस्टीट्यूट में शहरी युद्ध अध्ययन के चेयरमैन हैं, उन्होंने एक्स पर अपने विस्तृत लेख में कहा कि 7 मई को भारतीय वायुसेना की तरफ से किए गए नौ सटीक हमलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद प्रमुख आतंकवादी शिविरों को तबाह कर दिया।

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3. वॉल्टर कार्ल लैडविग 
किंग्स कॉलेज लंदन में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के वरिष्ठ व्याख्याता और दक्षिण एशियाई सुरक्षा मुद्दों के विशेषज्ञ वॉल्टर लैडविग के मुताबिक, हमले 1971 की जंग के बाद से पाकिस्तानी सैन्य ढांचे पर सबसे बड़े पैमाने पर भारतीय हवाई हमले थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में घुसकर एक साथ-एक बार में उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना रणनीति में सोचा-समझा बदलाव है। भारत अब आतंकी हमलों को पारंपरिक सैन्य पलटवार का आधार बना रहा है।  

4. विलियम गुडहिंड
कॉन्टेस्टेड ग्राउंड के भू-स्थानिक विश्लेषक विलियम गुडहिंड ने कहा कि सटीक हमलों में हाईप्रोफाइल लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जिसका मकसद पाकिस्तान की आक्रामक और रक्षात्मक हवाई क्षमताओं को गंभीर रूप से चोट पहुंचाना और उसे कम करना था। कॉन्टेस्टेड ग्राउंड एक शोध परियोजना है, जो सशस्त्र टकराव को ट्रैक करने के लिए उपग्रह इमेजरी का इस्तेमाल करती है।

5. क्रिस्टोफर क्लेरी
यूनिवर्सिटी एट अल्बानी में एसोसिएट प्रोफेसर और भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता पर एक किताब के लेखक क्रिस्टोफर क्लेरी ने कहा, 'सैटेलाइट से मिले सबूतों से इस दावे की पुष्टि होती है कि भारतीय सेना ने पूर्वी पाकिस्तान में कई ठिकानों पर पाकिस्तानी वायु सेना को करारी चोट पहुंचाई है। हालांकि, मेरे विचार में यह विनाशकारी तो नहीं, लेकिन नुकसानदायक तो है। 

क्लेरी ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर कहा कि सुक्कुर एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने यहां आग लगने की आशंका भी जताई। इसके अलावा जैकोबाबा, नूर खान और कम से कम छह और एयरबेसों को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई।

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6. पाउलो एगुआर
टॉम कूपर की तरह ही सबस्टैक पर सक्रिय रहने वाले पाउलो एगुआर ने भी भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर अपनी राय रखी है। अगुआर ने पुर्तगाल की नौसेना में योजना और नीति विभाग में काम किया है। वे फिलहाल भूराजनीतिक जोखिम विश्लेषण से जुड़ी रिसर्च में शामिल हैं। उन्होंने अपने लेख में संघर्ष से जुड़े कुछ स्थापित मानकों को स्पष्ट किया। 

7. जेफरी लुइस
मिडिलबरी कॉलेज में पूर्वी एशिया अप्रसार कार्यक्रम के निदेशक जेफरी लुईस ने आकलन किया कि हवाई ठिकानों को कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन इतना नहीं कि वे काम करने की हालत में ही न बचे हों।
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