महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी आध्यात्मिक दौरे पर श्रीलंका गए हैं। स्वामी कैलाशानंद गिरी के इस दौरे का मकसद दोनों देश के बीच प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने के प्रयासों को बढ़ावा देना है।
श्रीलंका की सरकार के विशेष अनुरोध पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी भारत से श्रीलंका के दौरे पर गए हैं। ऐतिहासिक आध्यात्मिक दौरे पर श्रीलंका गए स्वामी कैलाशानंद से देश के पूर्वी प्रांत के राज्यपाल प्रो. जयनथा लाल रत्नसेकेरा ने मुलाकात की। दोनों के बीच भारत और श्रीलंका के बीच प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
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स्वामी कैलाशानंद गिरी के श्रीलंका आगमन पर देश के सेना प्रमुख जनरल वीरसेकरा, विदेश मंत्री विजिथा हेरथ, पर्यटन मंत्री हैरिन फर्नांडो और पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष चलाका गजाबाहू ने स्वागत किया। यात्रा से जुड़े जानकारों ने बताया कि इस यात्रा से आने वाले समय में दोनों देशों के बीच धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक संवाद और आध्यात्मिक कार्यक्रमों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की छह दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा का मकसद श्रीलंका के प्राचीन और पावन शिव धामों में पूजन, दर्शन एवं सनातन संस्कृति का प्रसार था। यात्रा के दौरान श्रीलंका में सनातन धर्मावलंबियों और भारतीय मूल के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। स्वामी कैलाशानंद गिरि की यात्रा को सुगम बनाने में श्रीलंकाई वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टरों की भी उल्लेखनीय भूमिका रही।
अशोक वाटिका भी पहुंचे महामंडलेश्वर
श्रीलंका प्रवास के दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरि ने नुवाराएलिया स्थित पवित्र अशोक वाटिका भी पहुंचे। इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल का उल्लेख रामायण में भी मिलता है। यहां माता सीता ने अपने वनवास काल का समय व्यतीत किया था। यहां पहुंचने पर श्रीलंका की सरकार में पर्यटन मंत्री और स्थानीय मेयर ने उनका स्वागत किया। स्वामी कैलाशानंद गिरि से भारत के उच्चायुक्त और श्रीलंका में रह रहे भारत के प्रमुख उद्योगपति, प्रतिष्ठित कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ ने भी मुलाकात की।