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पाकिस्तान-अफगानिस्तान में खुली अदावत: काबुल पर एयरस्ट्राइक और मौतें; आसान सवालों में समझें क्या है पूरा विवाद

Fri, 27 Feb 2026 09:07 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया है? पाकिस्तान द्वारा काबुल पर की गई एयरस्ट्राइक, टीटीपी विवाद और डूरंड लाइन के तनाव को इस विस्तृत और आसान सवाल-जवाब रिपोर्ट में समझें।
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अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी झड़पों ने अब एक 'खुले युद्ध' का रूप ले लिया है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने घोषणा की है कि तालिबान अधिकारियों के साथ उनके देश के 'धैर्य का प्याला छलक गया है' और दोनों देश अब खुली जंग में हैं। इस ताजा सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए इस पूरे संकट को आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं।

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ताजा घटनाक्रम क्या है और पाकिस्तान ने हमले क्यों किए?
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, अफगान बलों ने सीमा के करीब उनकी सैन्य चौकियों पर हमला किया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के (स्थानीय समयानुसार सुबह 1:50 बजे) अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और अन्य शहरों में हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) किए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, काबुल के अलावा दक्षिण-पूर्वी पक्तिया और दक्षिणी कंधार प्रांतों में भी 'अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों' को निशाना बनाया गया। अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी इन तीन प्रांतों में हमले की पुष्टि की है। 

इस सैन्य टकराव में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
दोनों पक्षों की तरफ से हताहतों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं:

  • पाकिस्तान का दावा: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी के अनुसार, शुक्रवार सुबह हुए हमले में 133 अफगान तालिबान बल मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान ने 27 अफगान पोस्ट नष्ट करने, 9 पर कब्जा करने और 80 से अधिक टैंक व तोपखाने तबाह करने का दावा किया है।
  • अफगानिस्तान का दावा: तालिबान सरकार का कहना है कि उनके केवल आठ लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए हैं। इसके उलट, अफगानिस्तान ने दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई में उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है और 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है (जिसे पाकिस्तान ने खारिज किया है)।

दोनों इस्लामी देशों के बीच इस खूनी जंग की असली वजह क्या है?

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जवाब: इस विवाद की जड़ें मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों से जुड़ी हैं:

  1. टीटीपी का आतंकवाद: पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान अपनी धरती पर 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी जैसे सशस्त्र समूहों को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तान (विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान) में हिंसक हमले करते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि तालिबान टीटीपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं करना चाहता क्योंकि दोनों के बीच गहरे वैचारिक संबंध हैं और उसे डर है कि टीटीपी के लड़ाके उसके प्रतिद्वंद्वी 'इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत' में शामिल हो सकते हैं।
  2. डूरंड लाइन विवाद: दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा है जिसे 'डूरंड लाइन' कहा जाता है। अफगानिस्तान इस सीमा को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता है और इसे एक थोपा गया औपनिवेशिक सीमांकन मानता है। 

सैन्य ताकत के मामले में दोनों देश कहां खड़े हैं?
जवाब: दोनों देशों की सैन्य क्षमता में भारी अंतर है। सिंगापुर के एस राजरत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के विद्वान अब्दुल बासित के अनुसार, अफगान तालिबान के पास पाकिस्तान जैसी आधुनिक सेना या वायुसेना नहीं है। पाकिस्तान हवाई हमलों के जरिए बढ़त बना रहा है, जबकि अफगानिस्तान आत्मघाती हमलावरों और कामिकेज़ ड्रोन जैसे अपरंपरागत तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। 

इस युद्ध पर दुनिया भर के देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
रमजान के पवित्र महीने में हो रहे इस संघर्ष पर वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं:
भारत: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की ओर से अपनी आंतरिक विफलताओं को बाहर थोपने का एक और प्रयास है, जिसमें महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र व अन्य: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है। ईरान ने बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है, जबकि रूस ने तत्काल हमले रोकने का आग्रह करते हुए मध्यस्थता की पेशकश की है।

आगे के लिए क्या संकेत?
साल 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से अब तक दोनों देशों के बीच 75 से अधिक बार झड़पें हो चुकी हैं। अक्तूबर 2025 में कतर और तुर्किये की मध्यस्थता से हुआ संघर्ष विराम अब पूरी तरह टूट चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही पाकिस्तानी सैनिक सीमा पार करके जमीनी हमला न करें, लेकिन भारी तोपखाने और एयरस्ट्राइक का इस्तेमाल जारी रह सकता है। यदि अफगानिस्तान टीटीपी पर लगाम नहीं लगाता है, तो आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच इस टकराव का और अधिक गंभीर होना तय है।

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