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India-Sri Lanka: भारत की मदद से श्रीलंका की पटरी पर वापसी? चक्रवात के बाद 50 लाख डॉलर से रेलवे मरम्मत शुरू

Tue, 13 Jan 2026 08:04 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

चक्रवात से तबाह श्रीलंका में भारत की 50 लाख डॉलर की मदद से उत्तरी रेलवे ट्रैक की मरम्मत शुरू हो गई है। यह काम महावा जंक्शन से ओमानथाई तक किया जा रहा है। परियोजना 45 करोड़ डॉलर के भारतीय पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि भारत की मदद क्यों और कैसे अहम है।
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भारत की मदद से पटरी पर आ रहा श्रीलंका। - फोटो : X-@narendramodi
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विस्तार
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चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित श्रीलंका में राहत और पुनर्निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारत की 50 लाख डॉलर की वित्तीय सहायता से उत्तरी श्रीलंका में क्षतिग्रस्त रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। यह परियोजना न केवल परिवहन बहाली की दिशा में अहम मानी जा रही है, बल्कि दोनों देशों के बीच सहयोग और भरोसे को भी मजबूती देती है।

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महावा जंक्शन से ओमानथाई तक फैली उत्तरी रेलवे लाइन चक्रवात के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। भारत ने इस पूरे हिस्से के पूर्ण पुनर्निर्माण में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। इस काम की शुरुआत भारत द्वारा घोषित 45 करोड़ डॉलर के व्यापक पुनर्निर्माण पैकेज के तहत की गई है, जिसका मकसद श्रीलंका में संपर्क, यातायात और जनजीवन को सामान्य करना है।

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कब और कैसे शुरू हुआ काम?
परिवहन मंत्रालय के अनुसार, मरम्मत कार्य की औपचारिक शुरुआत के मौके पर संतोष झा, कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायुक्त, और श्रीलंका के परिवहन मंत्री बिमल रत्नायका मौजूद रहे। मंत्रालय ने बताया कि भारत की ओर से दिए गए 50 लाख डॉलर के अनुदान से उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के महावा जंक्शन पर पुनर्निर्माण कार्य शुरू हुआ है।

भारत की मदद क्यों अहम मानी जा रही है?

  • रेलवे मरम्मत से उत्तरी श्रीलंका में आवागमन तेज होगा।
  • व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।
  • आपदा के बाद रोजगार और निर्माण गतिविधियां बढ़ेंगी।
  • भारत-श्रीलंका संबंधों को रणनीतिक मजबूती मिलेगी।
  • यह परियोजना दिखाती है कि भारत क्षेत्रीय संकट के समय पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहता है।


चक्रवात ने कितना नुकसान पहुंचाया?
नवंबर में आए विनाशकारी चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका के कई हिस्सों को तबाह कर दिया था। भीषण बाढ़ और भूस्खलन हुए। 600 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई। सड़क, रेल और बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। उत्तरी रेलवे लाइन पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इन्हीं हालात के बीच भारत ने 28 नवंबर को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू कर राहत, पुनर्निर्माण और संपर्क बहाली में सहयोग दिया।

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चीन के साथ भी पुनर्निर्माण पर चर्चा
इसी बीच श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने सोमवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से द्विपक्षीय वार्ता की। यह बातचीत चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका के पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर केंद्रित रही। अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका से लौटते समय वांग यी ने श्रीलंका में संक्षिप्त ठहराव किया, जहां दोनों देशों के बीच सहयोग पर चर्चा हुई।

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