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Maldives: 'किसी भी क्षणिक टिप्पणी को झेल सकते हैं भारत-मालदीव संबंध', मुइज्जू के बहनोई की पोस्ट पर बोले मिस्री

Fri, 25 Jul 2025 10:44 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले।

सार

Maldives: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बहनोई की पोस्ट को लेकर कहा कि भारत और मालदीव के संबंध इतने मजबूत हैं कि किसी के निजी बयान से फर्क नहीं पड़ता। पीएम नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार और विकास परियोजनाओं को लेकर कई अहम समझौते किए। मोदी ने कहा कि भारत-मालदीव की दोस्ती इतिहास से पुरानी और समुद्र से गहरी है और दोनों देश मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और तरक्की के लिए काम करेंगे।
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विक्रम मिस्री - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार को कहा कि भारत और मालदीव के संबंध इतने मजबूत हैं कि वह किसी भी 'क्षणिक टिप्पणी' को झेल सकते हैं। मिस्री ने यह टिप्पणी उस समय की, जब उनसे मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बहनोई की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी यात्रा से पहले की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में सवाल किया गया। हालांकि, अब इस पोस्ट को हटा लिया गया है। मिस्री ने कहा कि भारत पिछली बातों की बजाय भविष्य पर फोकस करना पसंद करता है। 
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मिस्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसे बयानों से भारत-मालदीव संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, हमारे संबंध इतने मजबूत हैं कि ऐसी छोटी-मोटी टिप्पणियां इन पर असर नहीं डालतीं। ये संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। खासकर पिछले 9-10 महीनों में जो हुआ है, उसके आधार पर हमारा उज्ज्वल भविष्य है। दरअसल, राष्ट्रपति मुइज्जू के बहनोई अब्दुल्ला बिन मोहम्मद इब्राहिम ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी को 'आतंकवादी' कहा था, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया। 

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इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान कई अहम समझौते हुए। भारत ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट दी है और भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत की शुरुआत हुई है। विदेश सचिव मिस्री ने यह भी बताया कि हिंद महासागर में सुरक्षा सहयोग दोनों देशों के लिए बहुत अहम है। राष्ट्रपति मुइज्जू ने भी सुरक्षा मामलों पर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। पीएम मोदी ने कहा, हमारे लिए हमेशा दोस्ती पहले आती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और मालदीव के संबंध इतिहास से भी पुराने और समुद्र जितने गहरे हैं। 
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यह प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव की तीसरी आधिकारिक यात्रा थी। इस दौरान वह मालदीव के 60वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी शामिल हुए। उनका राष्ट्रपति मुइज्जू और अन्य अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस यात्रा में कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ। पीएम मोदी ने हुलहुमाले में जरूरतमंद परिवारों के लिए 3,300 आवास सौंपे और अड्डू शहर में सड़क और नाले की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ये सभी भारत के बुनियादी ढांचा सहयोग को दर्शाते हैं। मोदी ने मालदीव को 72 वाहन और उपकरण भी सौंपे, जिनका उपयोग वहां का राष्ट्रीय रक्षा बल करेगा। उन्होंने रक्षा मंत्रालय की नई इमारत को 'भरोसे की इमारत' और 'हमारी मजबूत साझेदारी का प्रतीक' बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत मालदीव की रक्षा क्षमताओं के विकास में सहयोग करता रहेगा। हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि हमारा साझा लक्ष्य है। 

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