थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। सीमा के कई इलाकों में लगातार झड़पें जारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कंबोडियाई सेना ने भारी हथियारों, फील्ड आर्टिलरी और बीएम-21 रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए लगातार बमबारी की।
थाईलैंड ने शुक्रवार को कंबोडिया की सीमा से लगे आठ जिलों में मार्शल लॉ घोषित कर दिया। दोनों देशों के बीच गोलाबारी दूसरे दिन भी जारी रहने की वजह से यह फैसला लिया गया। थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहा संघर्ष जल्द ही एक पूर्ण युद्ध में बदल सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यह संघर्ष युद्ध की स्थिति में बदल सकता है।
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थाई स्वास्थ्य मंत्रालय के उप प्रवक्ता के अनुसार, अब तक थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर हुई सैन्य झड़पों में 16 थाई नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 46 अन्य घायल हुए हैं। वहीं, कंबोडिया के ओडर मीनचे प्रांत के डिप्टी गवर्नर मेट मियास फेकदी ने शिन्हुआ को बताया कि गुरुवार को थाई गोलाबारी में एक कंबोडियाई नागरिक की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि सीमा के पास रहने वाले 2,900 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शुक्रवार सुबह तक भी लड़ाई जारी है।
कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय की अंडरसेक्रेटरी और प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल माली सोचेटा ने शुक्रवार सुबह एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि थाई सेना ने ओडर मीनचे और प्रीआह विहेयर प्रांतों में कई स्थानों पर भारी हथियारों, एफ-16 लड़ाकू विमानों और क्लस्टर बमों का उपयोग किया। इस संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी चिंता में डाल दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है।
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संयुक्त राष्ट्र में आपातकालीन सत्र बुलाया
कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने संयुक्त राष्ट्र में आपातकालीन सत्र बुलाया, जो शुक्रवार को न्यूयॉर्क में बंद दरवाजों के पीछे आयोजित हुआ। थाईलैंड ने कंबोडिया से लगती सभी भूमि सीमाओं को सील कर दिया है और अपने नागरिकों को कंबोडिया छोड़ने की सलाह दी है। थाईलैंड की सभी सात एयरलाइनों ने थाई नागरिकों की वापसी में मदद करने की पेशकश की है।
थाईलैंड की आंतरिक राजनीति पर भी असर
इस संघर्ष का असर थाईलैंड की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ रहा है। प्रधानमंत्री पेटोंगटर्न शिनावात्रा को 1 जुलाई को नैतिकता जांच के चलते निलंबित कर दिया गया था। अब कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचायाचाई हालात की कमान संभाल रहे हैं। फुमथाम ने कंबोडिया को आक्रामकता से बाज आने की चेतावनी दी है।