यूक्रेन पर रूस के हमले का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां अमेरिका और यूरोपीय देशों ने पहले ही राजनयिकों और नागरिकों को देश से निकलने की सलाह जारी कर दी थी, वहीं अब भारत ने भी युद्ध के गहराते संकट के बीच अपने छात्रों और नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है। इसके अलावा कीव स्थित दूतावास में तैनात राजनयिकों के परिवार को भी देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को जारी की गई एडवायजरी में कहा कि यूक्रेन में बढ़ते तनाव के चलते वे भारतीय नागरिक, जिनका रुकना जरूरी न हो और सभी छात्र अस्थायी तौर पर लौटने की तैयारी कर लें। नई एडवाइजरी में विद्यार्थियों को व्यावसायिक और चार्टर्ड फ्लाइट के प्रबंधकों से संपर्क बनाए रखने और अपडेट के लिए दूतावास के फेसबुक, वेबसाइट और ट्विटर पर लगातार निगाह रखने के लिए कहा है।
यूक्रेन में 18 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स
नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए नागर विमानन मंत्रालय ने पहले ही दोनों देशों के बीच उड़ानों पर लगी पाबंदी हटा ली है। यूक्रेन में 18000 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों की मदद के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। हेल्पनाइन नंबर 011-23012113, 011-23014104 और 011-23017905 पर संपर्क साधा जा सकता है। जबकि यूक्रेन में हेल्पलाइन नंबर +380 997300428 +380 997300483 पर संपर्क साधा जा सकता है।
रूस और यूक्रेन के बीच कैसे हैं हालात?
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा घमासान काफी तनावपूर्ण स्तर पर पहुंच गया है। दरअसल, यूक्रेन की सेना ने दावा करते हुए कहा है कि शनिवार को पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादियों द्वारा की गई गोलाबारी में उसके दो सैनिक मारे गए हैं और चार घायल हो गए। रूस द्वारा इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच जंग छिड़ने की संभावना बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार जहां इस सप्ताह हिंसा भड़कने की आशंका है वहीं यह रूसी सैन्य कार्रवाई के लिए ट्रिगर हो सकता है। यूक्रेनी सेना ने अपने फेसबुक पेज पर कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में 66 मामलों की तुलना में दिन की शुरुआत से रूसी अलगाववादियों द्वारा 70 संघर्ष विराम उल्लंघन दर्ज किए हैं।
यूक्रेन ने लगाया आरोप
इस घटना के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की पार्टी के एक प्रवक्ता ने शनिवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि रूसी अलगाववादियों द्वारा हमले के बाद संघर्ष क्षेत्र का दौरा करने वाले सैन्य अधिकारियों, सांसदों और विदेशी मीडिया का एक समूह आग की चपेट में आ गया और उन्हें एक आश्रय स्थल में ले जाना पड़ा। प्रवक्ता ने कहा कि रूसी अलगाववादी बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहे हैं।
रूसी अलगाववादियों ने यूक्रेन पर ही लगा दिया आरोप
वहीं इसके उलट रूसी अलगाववादी अधिकारियों ने सोशल मीडिया साइट टेलीग्राम पर एक बयान जारी कर यूक्रेन पर ही आरोप लगा दिया। इस बयान में कहा गया है कि यूक्रेन ने ही पहले अलगाववादी-नियंत्रित क्षेत्रों में गोलाबारी किया इसलिए इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।