वहीं बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस पर अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली भारतीय कंपनियों का कोई सबूत नहीं है। अमेरिकी ट्रेजरी के उप सचिव वैली अडेयमो ने आईआईटी-बॉम्बे की यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा कि मैंने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली भारतीय कंपनियों के कोई सबूत नहीं देखे हैं। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया भर की कंपनियां प्रतिबंधों को गंभीरता से ले रही हैं और उन्हें लागू भी कर रही हैं।
यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के कुछ दिनों बाद आई है जिनमें आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा के हवाले से कहा गया था कि अमेरिका इस बात से चिंतित है कि उसके द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन का निर्यात करने के लिए भारत का इस्तेमाल किया जा रहा है। पात्रा के अनुसार, रूसी कच्चे तेल का स्थानांतरण ऊंचे समुद्रों पर हो रहा है और जहाज गुजरात के एक बंदरगाह पर आते हैं, जहां तेल को परिष्कृत किया जाता है और अमेरिका में ही न्यूयॉर्क भेज दिया जाता है। बुधवार को अपनी तीन दिवसीय यात्रा शुरू करने वाले अडेमो ने कहा कि वह भारतीय अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत में रूस और यूक्रेन के साथ-साथ द्विपक्षीय विषयों पर चर्चा करेंगे।