भारत ने 2018 से यूएनआरडब्ल्यूए को 22.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए हैं। यूएनआरडब्ल्यूए, संयुक्त रााष्ट्री की एक एजेंसी है जो फिलिस्तीनी शरणार्थियों को राहत प्रदान करती है और उनके मानव विकास का समर्थन करती है।
भारत ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी को 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का चेक प्रदान किया है। ये चेक फिलिस्तीनी शरणार्थियों के समर्थन में 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सालाना मदद की यह दूसरी किश्त है। इस धनराशि का इस्तेमाल शरणार्थियों के लिए स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाएगा।
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भारत ने 2018 से यूएनआरडब्ल्यूए (यूनाइटेड नेशंस रिलीफ एंड वर्क्स एजेंसी फॉर पेलेस्टाइन रेफ्यूजीज इन द निअर ईस्ट) को 22.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए हैं। यूएनआरडब्ल्यूए, संयुक्त रााष्ट्र की एक एजेंसी है जो फिलिस्तीनी शरणार्थियों को राहत प्रदान करती है और उनके मानव विकास का समर्थन करती है।
रामल्लाह में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय (आरओआई) ने एक बयान में कहा, भारत ने फिलिस्तीनी शरणार्थियों के समर्थन में यूएनआरडब्ल्यूए को 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की दूसरी किश्त प्रदान की है। इसमें उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, राहत और सामाजिक सेवाए जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
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23 जून,2020 को आयोजित एक मंत्रिस्तरीय वर्चुअल सम्मेलन में विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने घोषणा की थी कि भारत अगले दो वर्षों में यूएनआरडब्ल्यूए में दस मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान देगा।
यूएनआरडब्ल्यूए को रजिस्टर्ड फिलिस्तीनी शरणार्थियों की संख्या में बढ़ोत्तरी और उनकी गरीबी के कारण सेवाओं की बढ़ती मांग का सामना करना पड़ रहा है। इस एजेंसी को 1949 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा स्थापित किया गया था। यह यूएनआरडब्लूए के साथ रजिस्टर्ड कुल 5.6 मिलियन शरणार्थियों को सहायता व सुरक्षा प्रदान करती है।
संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी का उद्देश्य यरूशलम और गाजा पट्टी सहित जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को उनके पूर्ण मानव विकास क्षमता हासिल करने में मदद करना है।