विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उनकी नेपाल यात्रा के दौरान, दोनों देशों में बिजली सहयोग के साथ-साथ परियोजना कार्यान्वयन क्षेत्रों में कुछ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे नेपाल में आम लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को नेपाल में भूकंप के बाद कई पुनर्निर्माण परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने पड़ोसियों, विशेष रूप से नेपाल के साथ अपने संबंधों को फिर से परिभाषित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-नेपाल संबंध आगामी दिनों में कई मील के पत्थर पार करते रहेंगे।
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नेपाली विदेश मंत्री एनपी सऊद के साथ जयशंकर ने काठमांडो से 8 किमी दक्षिण में कीर्तिपुर में भारत की मदद से निर्मित त्रिभुवन विवि पुस्तकालय की नई इमारत का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। उन्होंने मॉनिटर पर लेजर बीम जलाकर दूर से भूकंप के बाद की पुनर्निर्माण परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इसमें 25 स्कूल, 32 स्वास्थ्य सुविधाएं व 1 संस्कृति केंद्र शामिल हैं। ये परियोजनाएं 2015 में भूकंप के बाद सहयोगात्मक प्रयास के हिस्से के रूप में शुरू की गईं थीं। इस मौके पर जयशंकर ने द्विपक्षीय साझेदारी का कई गुना विस्तार होने और भौतिक, डिजिटल या ऊर्जा संपर्क बढ़ने को विस्तारित सहयोग की आधारशिला बताया, जिससे दोनों देशों में लोगों के संबंध भी मजबूत हुए हैं।
अहम समझौतों का आम लोगों पर पड़ेगा सकारात्मक असर
जयशंकर ने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान, दोनों देशों में बिजली सहयोग के साथ-साथ परियोजना कार्यान्वयन क्षेत्रों में कुछ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे नेपाल में आम लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विदेश मंत्री ने कहा, दोनों देशों के बीच विकास सहयोग को विभिन्न क्षेत्रों में शैक्षिक और क्षमता-निर्माण पहलों से भी बढ़ावा मिला है।
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भूकंप प्रभावित नेपाली क्षेत्रों में पुनर्निर्माण के लिए 7.5 करोड़ डॉलर...
विदेश मंत्री ने कहा, भारत गत वर्ष आए भूकंप से प्रभावित नेपाल के पश्चिमी जिले में बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 7.5 करोड़ डॉलर (1,000 करोड़ नेपाली रुपये) का वित्तीय पैकेज दे रहा है। जयशंकर ने कहा, 2014 में नेपाल यात्रा पर पीएम मोदी ने भारत-नेपाल संबंधों के लिए हिट फॉर्मूला दिया था। जून में प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड की भारत यात्रा में दोनों नेताओं ने साझेदारी को सुपरहिट बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया।