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चीन ने जिनपिंग के नेतृत्व में भारत के खिलाफ अपनाई आक्रामक विदेश नीति: अमेरिकी रिपोर्ट

Sat, 04 Jul 2020 02:57 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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भारत के खिलाफ चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में आक्रामक विदेश नीति अपनाई है और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) स्पष्ट करने की कोशिशों को रोका है। इससे दोनों देशों के बीच शांति कायम करने में रुकावटें पैदा हुईं। एक अमेरिकी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, गलवां घाटी में हुई झड़प बीजिंग की आक्रामक विदेश नीति का परिणाम है। यह झड़प ऐसे समय हुई है जब बीजिंग हिंद-प्रशांत क्षेत्र जैसे कि ताइवान और दक्षिण तथा पूर्वी चीन सागर पर संप्रभुता के अपने दावों पर आक्रामक रूप से जोर दे रहा है।

अमेरिका-चीन आर्थिक एवं सुरक्षा समीक्षा आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 2013 से चीन के एलएसी पर भारत के साथ पांच बड़े टकराव हुए हैं। बीजिंग और नई दिल्ली ने अपनी सीमाओं को स्थिर बनाने के लिए कई समझौते किए और परस्पर विश्वास पैदा करने को लेकर कदम उठाए, लेकिन चीनी राष्ट्रपति ने भारत के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया।
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चीन की ओर से एलएसी को स्पष्ट करने के प्रयासों को रोका गया। आयोग में विदेश मामलों की टीम के नीति विश्लेषक विल ग्रीन ने कहा कि चीन सरकार अमेरिका व उसके सहयोगियों से भारत के मजबूत होते संबंधों को लेकर डरी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया कि जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद से भारत के साथ झड़पें बढ़ी हैं, जबकि कई मौकों पर भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी से चीनी राष्ट्रपति ने मुलाकात की व तनाव कम करने को लेकर विश्वास बहाली पर सहमति भी जताई।

यह खबर भी पढ़ेंः-पीएम मोदी के बयान पर बौखलाया चीन, कहा- हम विस्तारवादी नहीं, गलत अनुमान
 
चीन ने भारत में घुसपैठ की: सीनेटर
अमेरिका के शीर्ष सीनेटर टिम कॉटन ने चीन पर भारत में घुसपैठ करने का आरोप लगाया। कॉटन ने कहा, चीन अपने चारों ओर आक्रामक कदम उठा रहा है। उसने भारत में वास्तव में घुसपैठ की और गलवां में 20 भारतीय जवानों को मार दिया। चीन ने दक्षिण चीन सागर पर हमला किया है।
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वहीं वियतनाम, मलयेशिया और फिलीपींस को डरा रहा है। उसने ताइवान और जापानी हवाई क्षेत्र में जबरन प्रवेश किया। हाल ही में हांगकांग पर लागू सुरक्षा कानून ने यह साबित कर दिया कि चीन न तो अपने लोगों और न ही दूसरे देशों के प्रति प्रतिबद्धताओं को पालन कर रहा है।

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