जापान दौरे पर पहुंचे सीडीएस अनिल चौहान हिरोशिमा पीस पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्प अर्पित किए। रक्षा अधिकारियों ने कहा, सीडीएस चौहान दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए जापान की द्विपक्षीय यात्रा पर हैं।
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान जापान दौरे पर हैं। इस दौरान वह हिरोशिमा पीस पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित किया। साथ ही उन्होंने हिरोशिमा के पीड़ितों को याद कर अपनी संवेदना व्यक्त की। साथ ही उन्होंने गांधी प्रतिमा पर भी पुष्प अर्पित किए। यात्रा के दौरान हिरोशिमा संग्रहालय में एक विस्तृत जानकारी भी दी गई है।
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सीडीएस चौहान जापान की यात्रा पर
रक्षा अधिकारियों ने कहा, सीडीएस चौहान दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए जापान की द्विपक्षीय यात्रा पर हैं। इससे पहले मंगलवार को सीडीएस जनरल चौहान ने जापान के योकोसुका बेस का भी दौरा किया था। सेल्फ-डिफेंस फ्लीट के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल सैतो अकीरा द्वारा जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स मिशन से अवगत कराया गया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-जापान रक्षा साझेदारी के बढ़ते महत्व को उजागर करते हुए रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना था।
रक्षा मंत्रालय ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि रविवार की रात नई दिल्ली से जापान के लिए सीडीएस चौहान रवाना हुए थे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाना, भारत-जापान रक्षा सहयोग के बढ़ते महत्व को रेखांकित करना है। जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, भारत और जापान 2023 में राजनयिक संबंधों के 71 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे। यह यात्रा विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। पिछले 70 वर्षों में भारत और जापान के बीच पनपे स्थायी सौहार्द को प्रदर्शित करता है।
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बैठकों, बातचीत का उद्देश्य आपकी समझ को बढ़ाना
इस यात्रा के दौरान सीडीएस चौहान का जापान के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत करने और रक्षा प्रतिष्ठानों का दौरा करने का कार्यक्रम है। दौरे में रक्षा मंत्री मिनोरू किहारा के साथ मुलाकात, चीफ ऑफ स्टाफ, ज्वांइट स्टाफ के साथ बैठके प्रमुख हैं। अधिग्रहण प्रौद्योगिकी और लॉजिस्टिक्स एजेंसी के आयुक्त के साथ बातचीत शामिल है। इसके अलावा, सीडीएस एनआईडीएस में संकाय और अनुसंधान से जुड़े लोगों के साथ बातचीत करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि बैठकों का उद्देश्य आपसी समझ को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचारों का आदान-प्रदान करना, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने में योगदान देना है।