सुरक्षा परिषद में पश्चिम एशिया पर चर्चा शुरू करते हुए यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि व राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने अबू धाबी में हाल में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की। इस हमले में दो भारतीयों समेत तीन लोगों की मौत हुई और छह में से दो भारतीय घायल हुए।
यूएई की राजधानी अबू धाबी में ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने आम लोगों व मूलभूत ढांचों पर हमलों को ‘अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन’ बताया। भारत ने जोर दिया, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को आतंकवाद के ऐसे जघन्य कृत्यों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होना चाहिए।
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सुरक्षा परिषद में पश्चिम एशिया पर चर्चा शुरू करते हुए यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि व राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने अबू धाबी में हाल में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की। इस हमले में दो भारतीयों समेत तीन लोगों की मौत हुई और छह में से दो भारतीय घायल हुए। तिरुमूर्ति ने कहा, ऐसे हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। यह सभी मानदंडों के खिलाफ है।
तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत को यूएई के साथ खड़ा बताते हुए यूएनएससी द्वारा हमले की स्पष्ट निंदा के लिए अपना पूर्ण समर्थन जताया। यूएई ने अबू धाबी में हूती विद्रोहियों द्वारा आतंकवादी हमलों के संबंध में यूएनएससी की बैठक का अनुरोध किया था। तिरुमूर्ति ने वेस्ट बैंक, येरूशलम और गाजा में हाल के घटनाक्रमों पर भी चिंता जताई जहां तोड़फोड़ व भड़काऊ कार्रवाई जारी है और नई बस्तियां बनाने की घोषणाएं की गई हैं।
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यमन में हूती विद्रोहियों को दोबारा से आतंकी गुट घोषित करने पर विचार
राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका यमन के हूती विद्रोहियों को फिर से आतंकवादी समूह घोषित करने पर विचार कर रहा है। यूएई के हमले में दो भारतीयों की मौत के बाद बाइडन ने कहा, हमें इस पर गंभीर होना पड़ेगा। यमन में विद्रोही गुट ने 2015 के गृहयुद्ध में सऊदी-यूएई गठबंधन के शामिल होने से पहले हूती विद्रोहियों ने यमनी राष्ट्रपति को सत्ता से बेदखल कर तख्तापलट किया था। सऊदी-यूएई गठबंधन पिछले कई माह से मांग कर रहा है कि अमेरिका हूती को फिर से आतंकी गुट घोषित करे।