इटली के साथ आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, नवाचार, एआई और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। सबसे अहम बात यह रही कि दोनों देशों ने आतंकवाद के वित्तपोषण पर लगाम लगाने के लिए संयुक्त पहल की घोषणा की। यह पहल दुनिया भर में आतंकवाद की जड़ों को कमजोर करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
जापान के साथ नवाचार, रक्षा और व्यापार पर नई रफ्तार
पीएम मोदी की जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची से बातचीत भी सकारात्मक रही। दोनों देशों ने एआई, सेमीकंडक्टर्स, महत्वपूर्ण खनिजों, टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और आगे ले जाने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा, 'भारत–जापान की मजबूत साझेदारी दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है।'
दक्षिण अफ्रीका के साथ ग्लोबल साउथ की आवाज
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ मुलाकात में भारत और दक्षिण अफ्रीका ने ग्लोबल साउथ की आवाज को दुनिया में और बुलंद करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, खनन, कौशल विकास के आदान-प्रदान और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
जी20 में भारत की प्राथमिकताओं को मिली गूंज
जोहनिसबर्ग में अपनाए गए जी20 घोषणा- पत्र में भारत की प्राथमिकताओं, जैसे आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान, जलवायु संकट से निपटने के लिए वित्त जुटाने और ग्लोबल साउथ की चिंताओं, को मजबूत समर्थन मिला। पीएम मोदी ने आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और डब्ल्यूटीओ प्रमुख न्गोजी ओकोंजो-इवेला से भी मुलाकात कर वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार सुधारों पर चर्चा की।
मार्क कार्नी ने पीएम मोदी का न्योता स्वीकारा, अगले आएंगे भारत
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत आने का न्योता स्वीकार कर लिया है। वे शुरुआत 2026 में भारत आएंगे। दोनों नेताओं की मुलाकात जी20 सम्मेलन के दौरान दक्षिण अफ्रीका में हुई। बातचीत में तय हुआ कि भारत और कनाडा रक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार, निवेश, टेक्नॉलजी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। दोनों देश एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर औपचारिक बातचीत शुरू करेंगे, जिसमें सामान, सेवाएं, निवेश, कृषि, डिजिटल व्यापार, मोबिलिटी और सतत विकास जैसे मुद्दे शामिल होंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय दौरे नियमित रूप से होने चाहिए। कार्नी ने कानून-प्रवर्तन संवाद में हो रही प्रगति का भी स्वागत किया। 2023 में जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद संबंध काफी खराब हो गए थे, लेकिन अब दोनों देश रिश्ते सामान्य करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं।