श्रीलंका की एक अपीलीय अदालत ने सोमवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोटाभाया राजपक्षे के 16 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की योग्यता के मामले में सुनवाई करने का निर्णय किया है। गोटाभाया, श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं।
तीन जजों की पीठ वाली कोर्ट आफ अपील में दो और तीन अक्तूबर को उस याचिका पर सुनवाई होगी जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि देश में 2005 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान गोटाभाया ने अमेरिकी नागरिकता रखते हुए राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होकर आव्रजन और निर्वाचन कानूनों का उल्लंघन किया था ।
याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि गोटाभाया श्रीलंका के नागरिक नहीं हैं क्योंकि उनका नागरिकता प्रमाणपत्र फर्जी और अवैध है। पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई तथा श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोटाभाया चुनाव में विपक्षी दल की ओर से मुख्य चुनौती दे रहे हैं।
गोटाभाया चुनाव लड़ने के लिए पर्चा और जमानत राशि का भुगतान कर चुके हैं। इस चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख सात अक्तूबर है। कोर्ट ऑफ अपील इस मामले की सुनवाई दो और तीन अक्तूबर को करेगा । याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई अंतरिम राहत पर अदालत विचार करेगी ।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि चूंकि गोटाभाया श्रीलंकाई नागरिक नहीं हैं, इसलिए वह देश के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं हो सकते हैं। हालांकि, गोटाभाया पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह अब अमेरिकी नागरिक नहीं हैं और उनके पास अमेरिका तथा श्रीलंका की दोहरी नागरिकता नहीं है ।
गोटाभाया ने कथित तौर पर इस साल अप्रैल में अमेरिका की अपनी नागरिकता छोड़ दी है। कोलंबो गजट ने खबर दी है कि गोटाभाया के अधिवक्ता रमेश डि सिल्वा ने कहा कि यह मामला गलत मंशा से दायर किया गया है और जो आरोप लगाए गए हैं वह बिल्कुल निराधार हैं।
श्रीलंका में 2015 में संविधान में 19 वां संशोधन कर गैर श्रीलंकाई व्यक्ति को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जा चुका है।