पड़ोसी देश बांग्लादेश इन दिनों हिंसा की आग में झुलस रहा है। सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देशभर में उग्र रूप ले चुका है। हिंसा प्रभावित देश से लोग पलायन कर रहे हैं। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने नागरिकों को सुझाव दिया है कि वह बांग्लादेश की यात्रा न करें। साथ ही अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों को उनकी मर्जी से देश वापस आने की अनुमति दी है।
एडवाइजरी का स्तर बढ़ा दिया गया
यह नया सुझाव ऐसे समय में दिया गया है, जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने बांग्लादेश के लिए नई यात्रा एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि यात्रा करने से पहले एक बार जरूर विचार करें। अगर बहुत ही जरूरी हो तो सावधानी से बांग्लादेश के लिए यात्रा करें। हालांकि, अब एडवाइजरी का स्तर बढ़ा दिया गया है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपराध के प्रति रहें सचेत
अमेरिका ने आगे यात्रियों से कहा कि ढाका और पूरे देश में संचार सेवाएं बंद हैं। इससे काउंसलिंग में देरी हो सकती है। यात्रियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपराध के प्रति सचेत रहना होगा। एडवाइजरी में अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि हमले बिना किसी चेतावनी के हो सकते हैं। इसलिए सार्वजनिक क्षेत्रों पर सतर्क रहने की जरूरत है। सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश के अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। विदेश विभाग ने लोगों से प्रदर्शनों और राजनीतिक सभाओं में जाने से बचने के लिए कहा है।
40 से अधिक लोग मारे गए
बांग्लादेश में प्राधिकारियों ने पूरे देश में कड़ा कर्फ्यू लगा दिया है तथा सैन्य कर्मियों ने राजधानी के कुछ हिस्सों में गश्त की है, ताकि हिंसा को रोका जा सके। सरकारी नौकरियों के आवंटन को लेकर कई दिनों से चल रही झड़पों में 40 से अधिक लोग मारे गए तथा सैकड़ों लोग घायल हो गए।
अमेरिकी विदेश विभाग ने बांग्लादेश के लिए यात्रा एडवाइजरी स्तर बढ़ाकर स्तर चार यानी यात्रा न करें कर दिया है। कहा है कि नागरिक अशांति, अपराध और आतंकवाद के कारण बांग्लादेश की यात्रा न करें। साथ ही गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों के लिए खुद की मर्जी से लौटने की अनुमति दी है।
विदेश विभाग ने कहा कि बांग्लादेश के प्रमुख शहरों में लूटपाट, सेंधमारी, हमले और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराध अधिकांश आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा हैं, लेकिन ऐसे कोई संकेत नहीं हैं कि विदेशियों को उनकी राष्ट्रीयता के कारण निशाना बनाया जा रहा है। यह सभी अपराध समय और स्थान पर निर्भर होते हैं।
हमले बिना किसी चेतावनी के हो सकते हैं
एडवाइजरी में कहा गया है कि हमले बिना किसी चेतावनी या हल्की चेतावनी के हो सकते हैं और आतंकवादी सार्वजनिक क्षेत्रों जैसे पर्यटन स्थलों, परिवहन केंद्रों, बाजारों/शॉपिंग मॉल, रेस्तरां, पूजा स्थलों, स्कूल परिसरों और सरकारी सुविधाओं को निशाना बनाते हैं।