कोरोना वायरस महामारी के संकट को देखते हुए अमेरिका के मिशिगन में लोगों को घरों के अंदर रहने को कहा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। ये आदेश मिशिगन के गवर्नर ग्रेचेन व्हिमर की तरफ से दिए गए हैं, जिसके खिलाफ लोगों ने अपनी नाराजगी को जताने के लिए बड़ी संख्या में बुधवार को यहां विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान सड़कों पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी पोस्टर लहराते हुए दिखाई दिए। यहां गवर्नर के आदेश के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इसका नतीजा यह रहा कि प्रदर्शन के कुछ देर बाद, मिशिगन के गवर्नर ग्रेचेन व्हिमर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि रैली के कारण लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया गया है।
बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन को ऑपरेशन ग्रिडलॉक नाम दिया गया था, जिसे मिशिगन कंजर्वेटिव कोलिशन की तरफ से आयोजित किया गया था। इस संगठन के सदस्य मेशॉ मैडॉक ने इस दौरान कहा, ‘‘व्यवसायों को बंद करने और इन सभी कर्मचारियों को व्यवसाय से दूर करने का यह एक मनमाना फैसला है, जो अपने आप में एक आपदा है।" उन्होंने आगे कहा कि यहां के लिए एक आर्थिक आपदा है, जिससे लोग थक चुके हैं।’’
बता दें कि डेमोक्रेट नेता ग्रेचेन व्हिमर ने लोगों को 30 अप्रैल तक अपने घरों में रहने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों और गैर-जरूरी व्यवसायों को बंद करने का आदेश दिए हैं। इस दौरान गवर्नर ने कहा कि वह लोगों की परेशानी को समझ रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए यह प्रतिबंध बेहद जरूरी है।
यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण से मिशिगन में अब तक 1,900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।