पिछले साल इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके सैकड़ों और हजारों अनुयायियों और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं ने 9 मई को जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन समेत एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ नौ मई हिंसा को लेकर सैन्य अदालत में मुकदमा चलाने की तैयारी है। कानूनी मामलों के सरकारी प्रवक्ता बैरिस्टर अकील मलिक ने कहा कि हिंसा में सेना के प्रतिष्ठानों पर हमला हुआ और उन्हें तोड़ दिया गया। इसलिए मुकदमा चलाने को लेकर पाक सरकार ने सेना अधिनियम के तहत आवेदन मांगा है।
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पिछले साल इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके सैकड़ों और हजारों अनुयायियों और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं ने 9 मई को जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन समेत एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी। इस दौरान रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया था।
इसे लेकर मलिक ने कहा कि सेना के प्रतिष्ठानों पर तोड़फोड़ होने को लेकर मामलों में सेना अधिनियम लागू होगा। इसलिए पूरी संभावना है कि इमरान खान का मुकदमा सैन्य अदालत में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि हमला पूर्व नियोजित था और पीटीआई संस्थापक ने दंगों की साजिश रची। साथ ही इस मामले में पूर्व आईएसआई महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की गिरफ्तारी से पूर्व पीएम का कनेक्शन सामने आने के बाद साफ है कि यह मामला सेना से जुड़ा है।
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लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद को 2019 से 2021 तक जासूसी एजेंसी का प्रमुख होने के दौरान बेहद शक्तिशाली माना जाता था। उन्हें उस समय इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया गया था, जब तत्कालीन आईएसआई प्रमुख और वर्तमान सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर को समय से पहले पद से हटा दिया गया था। इमरान खान के कार्यकाल के दौरान हमीद आईएसआई के प्रमुख थे। उन्हें आवासीय योजना घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तीन सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों सहित कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
वहीं पाक के पूर्व पीएम इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर तोशाखाना से 75 मिलियन रुपये मूल्य का एक आभूषण सेट खरीदने और नियमों का उल्लंघन करके इसे बेचने का आरोप है। इमरान खन को 5 अगस्त, 2023 को दोषी ठहराया गया और गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में उनकी सजा निलंबित कर दी गई और उन्हें जमानत दे दी गई। लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया गया।