पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को पत्र लिखकर आठ फरवरी को हुए आम चुनाव में धांधली की जांच के लिए ऑडिट करने का आग्रह किया है। जेल में बंद खान का कहना है कि आईएमएफ को नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के साथ किसी और आर्थिक पैकेज के लिए वार्ता पर विचार करने से पहले चुनाव में हस्तक्षेप और धांधली का पता लगाने के लिए नेशनल असेंबली और प्रांतीय असेंबली की कम से कम 30 प्रतिशत सीटों का ऑडिट कराना चाहिए।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक खान ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह आईएमएफ से पाकिस्तान को आर्थिक सहायता जारी करने से बचने के लिए कहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने उनकी पार्टी को सत्ता से बाहर रखने के लिए चुनावी नतीजों में धांधली की है।
पीटीआई के चेयरमैन गौहर अली खान और पार्टी महासचिव उमर अयूब खान ने एक प्रेस वार्ता में इमरान खान के आईएमएफ को पत्र लिखने की पुष्टि की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खान के निर्देश पर पार्टी प्रवक्ता रऊफ हसन द्वारा आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा को पत्र भेजा गया है।
पत्र की शुरुआत में स्पष्ट किया गया है कि पार्टी पाकिस्तान को आईएमएफ की सुविधा के खिलाफ नहीं है, जो देश की तत्काल और दीर्घकालिक आर्थिक भलाई को बढ़ावा देती है। लेकिन पत्र में यह भी कहा गया है कि आईएमएफ की सुविधा को शर्तों के साथ जोड़ा जाना चाहिए। पत्र में आरोप लगाया गया है कि आठ फरवरी को हुए आम चुनावों में 180 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए हैं, जिसमें वोटों की गिनती और परिणामों में बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप और धोखाधड़ी हुई है। इस कारण आईएमएफ के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य देशों ने मामले की पारदर्शी जांच का आह्वान किया है, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में शामिल अन्य देश भी शामिल हैं।
पत्र में कहा गया है कि हम आईएमएफ से आह्वान करते हैं कि सुशासन को लेकर अपनाए गए दिशानिर्देशों के साथ-साथ उन शर्तों को भी प्रभावी किया जाए, जिन्हें आर्थिक सहायता देने से पहले पूरा किया जाना चाहिए, जिससे पाकिस्तान के लोगों पर और कर्ज का बोझ डाला जा सके।
सिर्फ दो हफ्ते में पूरा किया जा सकता है ऑडिट...
पीटीआई ने मांग की है कि नेशनल असेंबली और प्रांतीय विधानसभाओं की कम से कम 30% सीटों का ऑडिट सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे सिर्फ दो हफ्ते में पूरा किया जा सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि पीटीआई आईएमएफ से जांच एजेंसी की भूमिका निभाने की मांग नहीं कर रही है। पार्टी ने सुझाव दिया है कि दो स्वदेशी संगठनों फ्री एंड फेयर इलेक्शन नेटवर्क (Fafen) और PATTAN-Coalition38 के पास चुनाव ऑडिट करने के लिए व्यापक पद्धतियां हैं। पत्र के अंत में कहा गया है कि आईएमएफ की ऐसी भूमिका पाकिस्तान और उसकी जनता के लिए एक बड़ी सेवा होगी, और देश में स्थायी समृद्धि, विकास और व्यापक आर्थिक स्थिरता का अग्रदूत बन सकती है।