पाकिस्तान की सरकार और सेना ने भारत से तनाव के हालात पर राजनीतिक पार्टियों को हालात की जानकारी दी। इस दौरान पाकिस्तान की सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता मौजूद रहे, सिर्फ इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े। बैठक को पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी और सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने संबोधित किया।
भारत की तैयारियों से घबराया पाकिस्तान
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य भारत से जारी तनाव की जानकारी राजनीतिक पार्टियों को देना था और उनका फीडबैक लेना था। इस बैठक में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी की तरफ से उसके नेता राजा परवेज अशरफ, कमर जमां कैरा, शाजिया मरी शामिल हुईं। पीएमएल-एन की तरफ से बैरिस्टर अकील और तारिक फजल चौधरी, तलाल चौधरी, पीएम के सलाहकार परवेज खटक, एमक्यूएम-पी की तरफ से फारुख सत्तार, कश्मीरी नेता शाह गुलाम कादिर और अन्य शामिल हुए। इससे पहले पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस बैठक में शामिल न होने का फैसला किया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ा हुआ है और पाकिस्तान को भारत द्वारा सैन्य कार्रवाई का डर है।
पीटीआई ने बैठक पर उठाया सवाल
बैठक से पहले पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ) ने बयान जारी कर कहा कि 'यह बैठक सिर्फ सरकार की ब्रीफिंग भर है और इसमें आपसी समझ बनाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं होगी। न ही इसमें इमरान खान समेत अन्य बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। ऐसे में हमारा मानना है कि पीटीआई कै इस बैठक में शामिल होने जरूरी नहीं है।' पीटीआई ने आतंकवाद की आलोचना की और ये भी कहा कि हम देश को बचाने के लिए सबसे आगे खड़े हैं। पीटीआई ने मांग की कि सरकार भारत से तनाव के मुद्दे पर सभी पार्टियों का सम्मेलन बुलाए, जिसमें आगे की कार्रवाई पर आपसी समझ बनाई जाए, लेकिन पीटीआई ने सिर्फ ब्रीफिंग करने के लिए बैठक बुलाकर खानापूर्ति की है।
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भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी
भारत ने चिनाब नदी का पानी रोक दिया है। जम्मू के रामबन में बने बागलिहार बांध के सारे गेट बंद कर दिए गए हैं। साथ ही भारत सरकार ने साल 1960 के सिंधु जल समझौते को तोड़ने का पहले ही एलान कर दिया था। ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक भी होनी है। वहीं पाकिस्तान अपनी हरकतों से अभी भी बाज नहीं आ रहा और उसने लगातार 11वें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया।
भारत की सैन्य तैयारियों को देखकर पाकिस्तान की सरकार घबराई हुई है। यही वजह है कि पाकिस्तान की सरकार अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में लगी है। इसी के तहत रविवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की। रूसी विदेश मंत्री ने कूटनीति के जरिए विवाद का हल निकालने की सलाह दी।
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