पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के अध्यक्ष परवेज इलाही को कोर्ट से राहत मिलने के तुरंत बाद मंगलवार को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उनकी हिरासत निलंबित कर रिहाई का आदेश दिया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया।
इस्लामाबाद पुलिस ने बताया कि पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री को एक आतंकी मामले में गिरफ्तार किया गया था। इलाही उन कई पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं में शामिल हैं, जिन्हें इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) परिसर में अर्धसैनिक बल के जवानों की ओर से पार्टी प्रमुख इमरान को ले जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान नौ मई को हुए दंगों के बाद गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले दिन में आईएचसी ने सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव (एमपीओ) की धारा 3 के तहत इलाही की हिरासत को निलंबित कर दिया था और उसकी रिहाई का आदेश दिया। एमपीओ की धारा 3 सरकार को संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने का अधिकार देती है। इलाही को पहली बार एक जून को गिरफ्तार किया गया था। उन पर भ्रष्टाचार के कई मामलों का आरोप लगाया गया था।
इलाही की सबसे हालिया गिरफ्तारी पिछले हफ्ते शुक्रवार को इस्लामाबाद पुलिस द्वारा की गई थी, जिसके कुछ ही घंटों बाद लाहौर हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में उसकी रिहाई का आदेश दिया था। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि उसे किसी अन्य मामले में हिरासत में न लिया जाए। इसके बाद इलाही को लाहौर की रावलपिंडी की अदियाला जेल से पंजाब प्रांत की अटक जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।
इस बीच इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए इलाही के वकील ने कहा कि मुझे लगता है कि सभी सीमाएं पार कर दी गई हैं और यह देश और इसके संस्थानों के साथ अन्याय है। यह कानून और संविधान का मजाक उड़ाने के बराबर है।
चार युवकों को ईशनिंदा के मामले में मौत की सजा सुनाई गई
पाकिस्तान की एक अदालत ने सोशल मीडिया पर ईशनिंदा करने के लिए चार युवकों को मौत की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश (रावलपिंडी) एहसान महमूद मलिक ने फेसबुक पर ईशनिंदा सामग्री पोस्ट करने के लिए सोमवार को चारों को मौत की सजा सुनाई। संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने कहा कि उनमें से प्रत्येक को कुरान के खिलाफ ईशनिंदा करने के लिए 28 साल की जेल की सजा भी दी गई है। हालांकि, पांचवें संदिग्ध उस्मान लियाकत को सात साल की कैद की सजा सुनाई गई।