पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के तेवर इन दिनों तल्ख हैं। एक तो पूर्ववर्ती विपक्ष के आंदोलन व अविश्वास प्रस्ताव के चलते उन्हें सत्ता गंवाना पड़ी और दूसरा यह कि उनकी जल्दी चुनाव कराने की मांग पर मौजूदा हुक्मरान कान नहीं धर रहे। उल्टा उन पर एफआईआर दर्ज करा दी गई। इमरान का गुस्सा उस वक्त दिखा जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार के सवाल पर वह उठकर चल दिए।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने पेशावर में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी थी। इसमें उन्होंने पहले अपनी बातें कहीं। अपने हालिया आजादी मार्च, मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार व अन्य मसलों पर बातें की, लेकिन इसके बाद जब एक पत्रकार ने खैबर पख्तून ख्वा प्रांत में उनकी पार्टी की सरकार व सोशल मीडिया में उनकी पार्टी की भूमिका को लेकर सवाल दागे तो वह भड़क उठे। पत्रकार ने इमरान से कहा कि खैबर में उनकी पार्टी की सरकार का कामकाज सही नहीं है और मुख्यमंत्री मेहमूद खान ने स्वयं अपने हाथ में मीडिया से संबंधित मामलों की कमान ले रखी है।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार पत्रकार ने यह भी कहा कि खैबर में आपकी सरकार है और आप निस्संदेह इस प्रांत के एक लोकप्रिय नेता हैं। लोगों ने आपको वोट दिया, लेकिन लोगों ने प्रधानमंत्री के घर और राज्यपाल के घर की दीवारों को गिराते नहीं देखा और न उन्होंने सीएम के घर में विश्वविद्यालयों का निर्माण होते देखा है। पत्रकार ने कहा कि पीटीआई के सोशल मीडिया योद्धाओं ने 2014 में पाकिस्तान को जीतने का फैसला किया था। पार्टी द्वारा सोशल मीडिया पर सेट किए जा रहे रुझानों के कारण लोग हर गली में सेना प्रमुख को गाली दे रहे थे। आपका अपने समर्थकों के लिए क्या संदेश है?