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Pakistan: लाहौर हाईकोर्ट में पेश हुए इमरान खान; सेना के अधिकारियों के खिलाफ 'अनुचित भाषा' मामले में मिली जमानत

Fri, 14 Apr 2023 07:13 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, लाहौर।

सार

लाहौर हाईकोर्ट ने 70 वर्षीय खान को सुरक्षात्मक जमानत (Protective Bail ) दी और उन्हें जमानत के विस्तार के लिए इस्लामाबाद में संबंधित अदालत से संपर्क करने का निर्देश दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ ‘अनुपयुक्त भाषा’ का इस्तेमाल करने से संबंधित मामले में शुक्रवार को लाहौर उच्च न्यायालय में पेश हुए और उन्हें 26 अप्रैल तक जमानत मिल गई। इस्लामाबाद पुलिस ने एक भाषण देने को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान के खिलाफ छह अप्रैल को मामला दर्ज किया था। उस भाषण में खान ने कथित रूप से वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों (इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस) के खिलाफ अनुपयुक्त भाषा का इस्तेमाल किया था और उनके परिवारों की जिंदगी जोखिम में डाली थी।

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लाहौर हाईकोर्ट ने 70 वर्षीय खान को सुरक्षात्मक जमानत (Protective Bail ) दी और उन्हें जमानत की अवधि बढ़वाने के लिए इस्लामाबाद में संबंधित अदालत से संपर्क करने का निर्देश दिया। पूर्व प्रधानमंत्री कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए।

अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि लाहौर हाईकोर्ट के न्यायाधीश अली बाकिर नजफी ने इमरान को उनके इस अनुरोध पर सुरक्षात्मक जमानत दी कि इस्लामाबाद पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज किए गए ‘तुच्छ’ मामले में वह जांच में शामिल होना चाहते हैं। अधिकारी ने कहा, न्यायाधीश ने उन्हें 26 अप्रैल तक सुरक्षात्मक जमानत दी है और उन्हें जमानत बढ़ाने के लिए इस्लामाबाद की संबंधित अदालत में जाने का निर्देश दिया है।
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हाईकोर्ट परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए खान ने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुली अवहेलना की, खासकर पंजाब में चुनाव कराने के बारे में, देश का नाम बदनाम किया है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, इस तरह के कृत्यों के माध्यम से दुनिया में पाकिस्तान की छवि कमजोर अर्थव्यवस्था (गरीब देश) वाले देश के रूप में पेश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि संघीय सत्तारूढ़ गठबंधन अपने शासन को लंबा खींचने के लिए चुनाव नहीं कराना चाहता है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत विधानसभा भंग होने के बाद चुनाव में 90 दिनों से अधिक की देरी नहीं की जा सकती है। खान ने कहा कि इस 'फासीवादी सरकार' ने अब तक पीटीआई के 3,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को उठा लिया है और उनके मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है। 

लाहौर की आतंकवाद-रोधी अदालत ने इमरान खान को तीन मामलों में चार मई तक अंतरिम जमानत दी
इससे पहले गुरुवार को लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने पिछले महीने तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार करने के अभियान के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच हुई झड़प से जुड़े तीन मामलों में इमरान खान की अंतरिम जमानत चार मई तक बढ़ा दी। साथ ही एटीसी ने खान को मामले में वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई में पेश होने की एक बार की अनुमति दी।

खान ने आतंकवाद रोधी कानूनों के तहत रेस कोर्स पुलिस थाने में दर्ज तीन प्राथमिकियों में जमानत के लिए याचिकाएं दायर की थीं। खान बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि उनकी जान को खतरा है, जिसके कारण वह अदालती सुनवाई में भाग लेने से परहेज कर रहे हैं। एटीसी न्यायाधीश एजाज अहमद भुट्टा ने खान के वकील सलमान सफदर से पूछा कि उन्होंने ऐसा क्या किया जिसके लिए उन्हें जान का खतरा है।

इस पर सफदर ने कहा कि जो लोग (पिछले नवंबर में) उनके मुवक्किल पर हमला करने में शामिल थे, वे इसका जवाब दे सकते हैं। उन्होंने कहा, अगर इमरान खान की हत्या की जाती है तो पाकिस्तान अराजकता की स्थिति में आ जाएगा जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद हुआ था। उन्होंने कहा, विश्वसनीय रिपोर्ट है कि खान को अदालतों के रास्ते में स्नाइपर द्वारा लक्षित किया जा सकता है और यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सत्यापित किया जा सकता है।

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में खान पर हमला किया गया था जिसमें वह बाल बाल बच गए थे। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने खान को वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये अदालत में पेश होने की अनुमति दी और उनकी अग्रिम जमानत की अवधि चार मई तक बढ़ा दी।

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