पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने शनिवार को आरोप लगाया कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के भतीजे हसन नियाजी का सैन्य हिरासत से अपहरण कर लिया गया है और उन पर दबाव बनाने के लिए अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
यह घटनाक्रम 71 वर्षीय इमरान के यह आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है कि सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर उनकी पत्नी बुशरा बीबी की कैद के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थे। भ्रष्टाचार के एक मामले में इमरान की गिरफ्तारी के बाद पिछले साल मई में प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने में कथित संलिप्तता के लिए पीटीआई के 100 से अधिक नेता और कार्यकर्ता सेना की हिरासत में हैं और सैन्य जांच का सामना कर रहे हैं। पीटीआई के संस्थापक इमरान पर 100 से अधिक मामले चल रहे हैं और वह आठ महीने से अधिक समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। पीटीआई के प्रवक्ता रऊफ हसन ने एक बयान में कहा कि हम इमरान खान के भतीजे हसन नियाजी और एक अन्य युवा नेता इबाद फारूक के सैन्य कैद से अपहरण की कड़ी निंदा करते हैं। हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट उनकी तत्काल रिहाई सुनिश्चित करे और अपहरणकर्ताओं को जवाबदेह ठहराए।
उपचुनाव के दौरान इंटरनेट निलंबित करने के लिए पंजाब ने संघ ने किया अनुरोध
पंजाब के गृह विभाग ने आंतरिक मंत्रालय को लिखे एक पत्र में लाहौर, शेखुपुरा, कसूर, सादिकाबाद, कोट चुट्टा और डेरा गाजी खान जिलों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का अनुरोध किया। वहीं, प्रांत सरकार ने तलगांग, चकवाल, कल्लार कहार, गुजरात, अली पुर चाथा, जफरवाल और भक्कर तहसील में भी इंटरनेट बंद करने का आग्रह किया है। साथ ही पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को उप-चुनावों के दौरान शांति बनाए रखने के लिए सेना की टुकड़ियों को तैनात करने का फैसला किया है।
पूर्व पीएम इमरान खान और बुशरा बीबी की मेडिकल जांच के अनुरोध को अदालत ने किया स्वीकार
इसके अलावा, पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की मेडिकल जांच के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने दो दिनों के भीतर एक निजी अस्पताल में पूर्व प्रथम महिला की एंडोस्कोपी कराने का भी निर्देश दिया। इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है, जबकि बुशरा बीबी इस्लामाबाद के बानी गाला में खान के घर में बंद हैं। कोर्ट ने सुनवाई 23 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी.