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Bangladesh: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच यूनुस के करीबी का बड़बोलापन, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर है गंदी नजर

Fri, 02 May 2025 08:10 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

एक तरफ जहां भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के करीबी का बड़बोलापन सामने आया है। जहां उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर एक विवादित बयान दिया। आइए जानते है कि बांग्लादेश के पूर्व अफसर ने क्या कहा...

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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस (फाइल) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक तरफ जहां भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अब बांग्लादेश के एक पूर्व सैन्य अधिकारी और अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के करीबी फजलुर रहमान ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर एक विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करता है, तो बांग्लादेश को चीन के साथ मिलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर कब्जा कर लेना चाहिए। बता दें कि यह बयान उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए दिया, जिसमें उन्होंने लिखा कि अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करता है, तो बांग्लादेश को भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों पर कब्जा कर लेना चाहिए। इस पर चीन के साथ सैन्य समझौते की बात शुरू करनी चाहिए।

बांग्लादेश सरकार ने दी सफाई

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पूर्व सैन्य अधिकारी के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने तुरंत इससे खुद को अलग कर लिया। बांग्लादेश की विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह टिप्पणी सरकार की नीतियों को नहीं दर्शाती और ना ही सरकार इस तरह की सोच का समर्थन करती है। इसके साथ ही सरकार ने सभी से अनुरोध किया कि इस तरह की व्यक्तिगत राय को बांग्लादेश की आधिकारिक नीति से न जोड़ा जाए। बयान में यह भी कहा गया कि बांग्लादेश शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों को पूरी तरह मानता है।

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भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव

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कुछ हफ्ते पहले बांग्लादेश के अंतरिम चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने चीन की यात्रा के दौरान कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य समुद्र तक पहुंचने के लिए पूरी तरह से बांग्लादेश पर निर्भर हैं। उन्होंने बांग्लादेश को भारतीय महासागर का एकमात्र संरक्षक भी बताया था।

इन बयानों से भारत में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई। इसके बाद भारत सरकार ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांजिट सुविधा वापस ले ली, जिसके तहत वह भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों से अपने सामान पश्चिम एशिया और यूरोप भेजता था। केवल नेपाल और भूटान के लिए यह सुविधा जारी रखी गई है।

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अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद बिगड़े रिश्ते
गौरतलब है कि बीते साल अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में खासकर हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ीं। यूनुस सरकार इन हमलों को रोकने में विफल रही, जिससे भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में खटास आ गई। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है और आने वाले समय में इन संबंधों में और गिरावट की आशंका जताई जा रही है।

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