शक्तिशाली तूफान हैशहेन रविवार को जापान के समुद्री तट से टकरा गया। तूफान के दक्षिणी द्वीप पर पहुंचने पर हवा की रफ्तार 162 किलोमीटर प्रतिघंटे थी। हवा के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। हवा की रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि तूफान भारी तबाही मचा सकता है। इसके मद्देनजर 22 हजार सैनिक अलर्ट पर हैं।
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, हवा और बारिश के चलते कई घरों को नुकसान पहुंचा है। इलाके की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ जैसी समस्या पैदा हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक, कई नदियां उफान पर हैं, जो खतरे के निशान तक पहुंच चुकी हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बचाव टीमें अलर्ट पर हैं और किसी भी अप्रिय हालात से निपटने के लिए तैयार हैं। हालात बिगड़ने पर ओकीनावा, क्योशू, कागोशिमा और नागासाकी से 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है।
तूफान प्रभावित इलाके के दौरे पर पहुंचे किम
सियोल। उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने पूर्वोत्तर में तूफान प्रभावित इलाकों का दौरा किया और इससे हुए नुकसान का जायजा लिया। किम ने राहत और बचाव कार्य के लिए राजधानी प्योंगयांग से 12 हजार बचाव कर्मियों को भेजने का आश्वासन दिया।