तेहरान की सड़क पर जनसैलाब
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लोगों ने लहराए ईरानी झंडे
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रिवोल्यूशनरी गार्ड की भूमिका
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड सेना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद बनी थी। यह देश की नियमित सेना के समानांतर काम करती है और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को नियंत्रित करती है। गार्ड्स ने गाजा युद्ध के दौरान दो बार इस्राइल पर मिसाइल हमले भी किए थे।
ईरान-इस्राइल युद्ध में बड़ा नुकसान
इस 12-दिवसीय युद्ध में इस्राइल ने दावा किया कि उसने 30 ईरानी कमांडर और 11 परमाणु वैज्ञानिक मारे, आठ परमाणु स्थलों और 720 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला किया। 1000 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें 417 आम नागरिक थे (मानवाधिकार समूह HRA के अनुसार)। वहीं ईरान ने इस्राइल पर 550 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल दागे, जिनमें से अधिकांश को इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन कुछ हमलों में 28 लोग मारे गए।