यमन की अंतरिम राजधानी अदन में हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन परिसर पर कई मिसाइलें दागीं। हमले में चार लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिनमें दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। समाचार एजेंसियों रॉयटर्स ने यमन के सूचना मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी। हमले के समय सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार के प्रधानमंत्री और कई मंत्री परिसर में मौजूद थे। हालांकि, सरकार के शीर्ष अधिकारी इस हमले में बाल-बाल बच गए।
हूती विद्रोहियों ने ली हमले की जिम्मेदारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शहर में सरकारी महल के पास कम से कम छह धमाके हुए। इस महल का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार करती है। धमाकों के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे।ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
पहाड़ी और सुरक्षा द्वार के पास भी सुनाई दिए धमाके
एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, दो धमाके मआशिक महल के पास पहाड़ी के ऊपर हुए, जबकि दो अन्य धमाकों की आवाज सुरक्षा द्वार के नजदीक सुनाई दी। यमन सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अदन में मौजूद सरकार के नेता सुरक्षित हैं। हालांकि, सरकार के कई बड़े नेता देश से बाहर रह रहे हैं। अधिकारियों ने अपनी पहचान जाहिर नहीं की।
सऊदी सैन्य ठिकाने पर भी हमला
हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने अदन में सऊदी अरब से जुड़े सैन्य मुख्यालय को निशाना बनाया। संगठन का कहना है कि सऊदी अरब के ठिकानों पर हमला करना उसकी रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले भी हूती विद्रोही सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल से जुड़े ठिकानों पर हमले कर चुके हैं। यमन में हूतियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच संघर्ष बढ़ने के बीच यह घटना हुई है।
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सऊदी अरब ने किया मदीना के ऊपर मिसाइल रोकने का दावा
इस बीच सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि मदीना प्रांत के ऊपर एक क्रूज मिसाइल को रोका गया। उड़ानों पर नजर रखने वाले मंच फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, जेद्दा हवाई अड्डे पर कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि, गठबंधन ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि मिसाइल किसने दागी थी।
हूती प्रवक्ता ने मिसाइल हमले से किया इनकार
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब की ओर मिसाइल दागने की घटना में संगठन की भूमिका से इनकार किया। हूती संगठन पहले ही कह चुका है कि वह सऊदी अरब के पवित्र शहरों मक्का और मदीना के हवाई अड्डों को निशाना नहीं बनाएगा। वहीं, सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने अपने पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को भी नष्ट कर दिया। यह इलाका तेल उत्पादन के लिए जाना जाता है।