इस महीने में दूसरी बार सोमवार को हांगकांग की विधायिका में झड़प की नौबत आ गई जब बीजिंग समर्थक एक विधायक को एक प्रमुख समिति के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। यह समिति विधेयकों की जांच करती है। इस निर्वाचन के साथ ही लोकतंत्र समर्थकों के साथ लंबे समय से चल रहा संघर्ष भी समाप्त हो गया है।
सोमवार को विधायिका की बैठक में लोकतंत्र समर्थक तख्तियां लेकर सदन में आए थे जिन पर 'सत्ता का दुरुपयोग' और 'कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना हांगकांग की विधायिका को रौंद रही है' लिखा हुआ था। इस घटना के महज कुछ मिनटों के बाद कम से कम पांच सदस्यों को आपत्तिजनक व्यवहार के लिए सदन से बाहर कर दिया गया और कम से कम एक सदस्य को जमीन पर घायल पड़ा हुआ देखा गया। इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई।
लोकतंत्र समर्थक विधायक क्लाउडिया मो ने बैठक खत्म होने के बाद कहा, हांगकांग 'एक देश दो व्यवस्था के अंत' की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने हांगकांग की जनता से आह्वान किया कि सितंबर में होने वाली विधायिका के चुनाव में वे उन लोगों को बाहर करें जो हांगकांग के भविष्य की चिंता नहीं करते। एक अन्य लोकतंत्र समर्थक सदस्य तान्या चान ने हांगकांग विधायिका में तैनात सुरक्षा कर्मियों पर पक्षपात का आरोप लगाया।
हालांकि, चीन समर्थक विधायक मार्टिन लियो ने दावा किया कि विपक्षी सदस्यों ने कुछ सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया और वैधानिक चुनाव प्रक्रिया को बाधित किया। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर आठ मई को भी विधायकों में संघर्ष हुआ था। उस समय ली सदन की कार्यवाही शुरू होने से करीब एक घंटे पहले से ही अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गई थीं। उन्होंने दावा किया था कि कानूनी सलाहकारों के मुताबिक उनके पास सदन की समिति की बैठक करने का अधिकार है।