अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के 250वें स्थापना दिवस के मौके पर सील्स की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा- इतिहास कभी नहीं भूलेगा कि यह खास अमेरिकी बल ही था जिसने पाकिस्तान में अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन के घर में घुसकर उसे मौत के घाट उतारा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नेवी सील्स की जमकर तारीफ की और कहा कि इतिहास कभी नहीं भूलेगा कि यह खास अमेरिकी बल ही था जिसने पाकिस्तान में अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन के घर में घुसकर उसे मौत के घाट उतारा था। ट्रंप यह बात सोमवार को नॉरफॉक, वर्जीनिया में नेवी के 250वें स्थापना दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए कही। उन्होंने कहा, 'इतिहास कभी नहीं भूलेगा कि सील्स ने बिन लादेन के मकान में घुसकर सिर में गोली मारी।'
9/11 से पहले मैंने दी थी चेतावनी- ट्रंप
उन्होंने यह भी दोहराया कि 9/11 हमले से एक साल पहले उन्होंने बिन लादेन के बारे में चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा, 'कृपया याद रखें, मैंने ओसामा बिन लादेन के बारे में ठीक एक साल पहले लिखा था, जब उन्होंने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला किया। मैंने कहा था कि 'ओसामा बिन लादेन पर नजर रखें'। लेकिन उन्होंने नहीं सुनी और एक साल बाद हमला हुआ।' ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को अक्सर उसके काम का श्रेय नहीं मिलता, इसलिए उन्हें खुद इसे लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी नेवी ने बिन लादेन की 'घिनौनी लाश' को यूएसएस कार्ल विन्सन एयरक्राफ्ट कैरियर से समुद्र में फेंक दिया, ताकि वह अंधेरी गहराइयों में डूब जाए।
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दरअसल, मई 2011 में अमेरिकी नेवी सील्स ने एक ऑपरेशन के दौरान बिन लादेन को मार गिराया था। यह ऑपरेशन तब के अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा मंजूरी मिलने के बाद किया गया था। उस समय ओबामा ने व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम से कहा था, 'मैं अमेरिकी जनता और दुनिया को रिपोर्ट कर सकता हूं कि अमेरिका ने ऐसा ऑपरेशन किया, जिसमें अल-कायदा के नेता ओसामा बिन लादेन को मार दिया गया। उन्होंने हजारों निर्दोष लोगों की हत्या की जिम्मेदारी ली थी।'
ट्रंप ने अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी की आलोचना की
राष्ट्रपति ट्रंप ने अफगानिस्तान से अमेरिका की बेरोकट नीति और वापसी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर अमेरिका सही तरीके से काम करता, तो अफगान युद्ध आसानी से जीत सकता था। उन्होंने कहा, 'लेकिन हम राजनीतिक रूप से सही होने की वजह से धीमे पड़ गए। अब हम राजनीतिक रूप से सही नहीं हैं। अब हम जीतते हैं।'