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Pakistan: ईशनिंदा के आरोप में हिंदू सफाईकर्मी अरेस्ट, तहरीक-ए-लब्बैक ने हिंदुओं के घरों के बाहर प्रदर्शन किया

Mon, 22 Aug 2022 05:24 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कराची

सार

कथित ईशनिंदा की घटना को लेकर चरमपंथी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने रविवार को हिंदू घरों के सामने विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद सफाईकर्मी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया। 
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पाकिस्तान में हिंदू घरों के बाहर तहरीक-ए-लब्बैक के कार्यकर्ता - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में एक हिंदू सफाईकर्मी को कथित तौर पर ईशनिंदा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले एक चरमपंथी संगठन ने सफाईकर्मी के खिलाफ सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शन किए थे और उन पर एक धार्मिक किताब के पन्ने को जलाने का आरोप लगाया था। 
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रिपोर्ट के मुताबिक, कथित ईशनिंदा की घटना को लेकर चरमपंथी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने रविवार को हिंदू घरों के सामने विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद सफाईकर्मी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया। 

टीएलपी के प्रदर्शन के बाद डरे हुए हैं हिंदू 
हैदराबाद के एक हिंदू समुदाय के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने घटना की उचित जांच किए बिना कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि जिस इमारत में यह घटना हुई वहां रहने वाले हिंदू परिवार रविवार को टीएलपी के विरोध प्रदर्शन के बाद से डरे हुए हैं। 
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पुलिस ने क्या कहा?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार को कथित तौर पर इस्लामिक स्टडीज बुक के पन्ने जला दिए गए थे जिसके बाद टीएलपी ने पूरे हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन किया और ईशनिंदा का मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।  
  
हिंदू नेता ने की निष्पक्ष जांच कराने की अपील
एक प्रमुख हिंदू नेता रवि दवानी ने सिंध सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। टीएलपी पिछले साल अप्रैल में तब चर्चाओं में आया था जब उसने देश में हिंसक विरोध प्रदर्शन किए थे। उसने सरकार को फ्रांस में प्रकाशित ईशनिंदा कार्टून के मुद्दे पर फ्रांसिसी राजदूत को निष्कासित करने के लिए मजबूर किया था। 

पिछले साल प्रतिबंधित संगठनों की सूची से हटा था टीएलपी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले साल नवंबर में चरमपंथी संगठन टीएलपी के कट्टरपंथियों के आगे झुक गई थी और उन्होंने इसे प्रतिबंधित संगठनों की सूची से हटाने की अनुमति दे दी थी। टीएलपी की स्थापना 2015 में हुई थी और इसने वर्षों से खासतौर पर पैगंबर के कथित अपमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं। 
 
मुस्लिम बहुत पाकिस्तान में ईशनिंदा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है जहां संदिग्धों पर अक्सर हमला किया जाता है और कभी-कभी भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाला जाता है।  

ईशनिंदा के आरोप में श्रीलंकाई नागरिक को जिंदा जलाया था
पिछले साल दिसंबर में एक श्रीलंकाई नागरिक को ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और उसे जिंदा जला दिया था। वह पाकिस्तान में एक कारखाने में मैनेजर था। इस हमले के बाद देशभर में व्यापक आक्रोश फैला था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे पाकिस्तान के लिए शर्म का दिन बताया था।  

ईशनिंदा कानून की आलोचना होती रही है
आलोचक लंबे यह समय पाकिस्तान में खून के प्यासे ईशनिंदा कानून में सुधार करने का आह्वान करते रहे हैं। उनका कहना है कि समाज के प्रभावशाली सदस्यों और चरमपंथियों द्वारा अक्सर धार्मिक अल्पसंख्यकों को डराने और विरोधियों को व्यक्तिगत विवादों में दबाव डालने के लिए इसका दुरुपयोग किया जाता है।
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