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Pakistan: इमरान की पार्टी को बड़ा झटका, चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट को लेकर ECP के आदेश को हाईकोर्ट ने बहाल किया

Wed, 03 Jan 2024 06:05 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: पेशावर उच्च न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी से चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट को छीनने के चुनाव आयोग के फैसले को बहाल किया है। आयोग ने 22 दिसंबर को पीटीआई के आंतरिक चुनावों को खारिज कर दिया था और पार्टी को उसके क्रिकेट बैट चुनाव चिह्न से वंचित कर दिया था। 
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान के एक उच्च न्यायालय ने बुधवार को चुनाव आयोग (ईसीपी) के उस आदेश को बहाल कर दिया जिसमें पीटीआई पार्टी के आंतरिक चुनाव और उसके 'क्रिकेट बैट' चुनाव चिह्न को रद्द कर दिया गया था। आम चुनाव से पहले ईसीपी का यह फैसला पीटीआई के लिए बड़ा झटका है। 

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'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक, पेशावर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एजाज खान ने ईसीपी की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया। ईसीपी ने 22 दिसंबर को पीटीआई के आंतरिक चुनावों को खारिज कर दिया था और पार्टी को उसके क्रिकेट बैट चुनाव चिह्न से वंचित कर दिया था। बैरिस्टर गौहर खान को दिसंबर में आंतरिक चुनावों में पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया था। 

पार्टी ने इस फैसले को पेशावर उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। जिसने 26 दिसंबर को पीटीआई के आंतरिक चुनाव को असंवैधानिक घोषित करने के ईसीपी के फैसले को निलंबित कर दिया था। ईसीपी ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी।

न्यायमूर्ति एजाज खान की अध्यक्षता में सुनवाई के दौरान पीटीआई के वकील अनवर ने कहा कि ईसीपी कोई न्यायिक संस्था नहीं है और अपने ही फैसले के पक्ष या विपक्ष में अदालत के दखल की मांग करना अदालत की अवमानना है। अनवर ने दावा किया कि पीपीपी को छोड़कर सभी दलों ने पीटीआई को चुनावी लड़ाई से दूर रखने की साजिश रची। उन्होंने कहा कि संविधान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का आदेश देता है। 
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ईसीपी के वकील ने कहा कि पीटीआई ने आयोग के फैसले के खिलाफ स्थगन आदेश हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा, 'हमारे पास रिट दायर करने का अधिकार है।' दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। एक दिन पहले ईसीपी के वकील ने अपनी दलीलें पेश कीं। जबकि, पीटीआई के वकील गैरहाजिर रहे। इसके बाद अदालत ने दलीलें पूरी करने के लिए पीटीआई को नोटिस जारी किया।
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