फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Israel-Hezbollah: 'जब तक इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान में रहेगी, हथियार...',हिजबुल्ला ने दी नेतन्याहू को धमकी

Sat, 19 Apr 2025 04:00 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत

सार

हिजबुल्ला नेता नईम कासिम ने कहा कि जब तक इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान में रहेगी। तब तक राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा, 'यह बातचीत नहीं, आत्मसमर्पण होगा। कासिम ने कहा कि इस्राइली सेना के पीछे हटने तक उसके लड़ाके हथइयार नहीं छोड़ेंगे। 
 
विज्ञापन
हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासेम और इस्राइली पीएम नेतन्याहू। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लेबनान के उग्रवादी समूह हिजबुल्ला ने शुक्रवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को धमकी दी है। हिजबुल्ला नेता ने कहा है कि जब तक इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान में रहेगी और इस्राइली वायु सेना लेबनान के वायु क्षेत्र का उल्लंघन करती रहेगी, तब तक उसके लड़ाके हथियार नहीं छोड़ेंगे। यह बात नईम कासेम ने हिजबुल्ला के टेलीविजन पर प्रसारित अपने भाषण में कही। 

विज्ञापन


नईम कासेम ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि हिजबुल्ला ने अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के नियमों का पालन किया है, जिससे इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच 14 महीने से चल रही लड़ाई रुकी है। बता दें कि कासेम ने पिछले साल हिजबुल्ला नेता हसन नसरल्लाह, उनके उत्तराधिकारी हाशेम सफीदीन और अन्य के मारे जाने के बाद हिजबुल्ला की कमान संभाली थी। 

हथियारों ने हमें जीवन और आजादी दी: कासिम
हिजबुल्ला नेता कासिम ने कहा कि हम किसी को भी हिजबुल्ला के हथियार हटाने की अनुमति नहीं देंगे। इन हथियारों ने हमें जीवन और आजादी दी है। कासिम ने आगे कहा कि जब तक इस्राइली ड्रोन हमले करते रहेंगे और दक्षिणी लेबनान में मौजूद रहेंगे, तब तक राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कोई बातचीत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, 'यह बातचीत नहीं, आत्मसमर्पण होगा। पहले इस्राइल पीछे हटे और हवाई हमले रोके।' कासिम का यह बयान अमेरिका के विशेष राजदूत मॉर्गन ऑर्टागस के लेबनान दौरे के बाद आया है, जिन्होंने लेबनानी सरकार को कहा था कि वह पूरे देश में अपना नियंत्रण स्थापित करे, न कि केवल दक्षिण में। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: West Aisa: गाजा, लेबनान और सीरिया के सिक्योरिटी जोन में तैनात रहेंगे इस्राइली सैनिक, क्या है इसका मतलब, जानें

इस्राइली हवाई हमलों में हुई 71 लोगों की मौत

हालांकि, पिछले साल नवंबर में युद्धविराम लागू होने के बाद भी लेबनान में इस्राइली हवाई हमले जारी रहे हैं। इन हमलों में लेबनानी नागरिकों और हिजबुल्ला सदस्यों सहित कई लोग मारे जा चुके हैं। इस्राइल का कहना है कि वह दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त कार्यालय के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के बाद से इस्राइली हमलों में अब तक 71 लोग मारे गए हैं, जिनमें 14 महिलाएं और 9 बच्चे शामिल हैं। 

14 महीनों में लेबनान में मारे गए 4000 से अधिक लोग
7 अक्तूबर, 2023 को इस्राइल-हमास युद्ध छिड़ने के एक दिन बाद हिजबुल्ला ने इस्राइल पर हमला शुरू कर दिया। फलस्तीनी आतंकवादियों ने कहा कि वह लेबनाने के साथ उत्तरी इस्राइली सीमा पर इस्राइली सेना को व्यस्त रखकर गाजा पर दबाव कम करने के लिए हमले कर रहे हैं। जवाब में, इस्राइली सैनिकों ने लेबनान में घुसपैठ की। विश्व बैंक के अनुसार, हिजबुल्ला-इस्राइल युद्ध के 14 महीनों में लेबनान में 4,000 से अधिक लोग मारे गए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: E Visa: तुर्कमेनिस्तान ने इलेक्ट्रॉनिक वीजा के लिए बनाया कानून, विदेशी नागरिकों के लिए प्रवेश होगा आसान

दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्से से हिजबुल्ला को हटना था

युद्धविराम समझौते के अनुसार, हिजबुल्ला को दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों से हटना था। साथ ही लिटानी नदी के दक्षिण में अपने सैन्य ठिकानों और हथियारों को छोड़ना था। वहीं, इस्राइली सेना को इस्राइल में वापस जाना था। लेबनानी सेना को हिजबुल्ला के ठिकानों पर कब्जा करना था। साथ ही संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के साथ दक्षिण में सुरक्षा गारंटी देनी थी। इस्राइल ने फरवरी में दक्षिणी लेबनान से अपने अधिकांश सैनिकों को वापस बुला लिया, लेकिन लेबनानी क्षेत्र के अंदर पांच चौकियां बरकरार रखीं, जिसके बारे में लेबनान का कहना है कि यह युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें