येल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के अध्ययन में पता चला है कि हृदय के भीतर मौजूद अपना एक सूक्ष्म तंत्रिका तंत्र तनाव के दौरान भी धड़कनों को सामान्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शोध से यह भी स्पष्ट हुआ कि हृदय की अलग-अलग तंत्रिका कोशिकाएं अलग-अलग कार्य करती हैं। यह खोज भविष्य में हृदय रोगों के अधिक सटीक और प्रभावी उपचार विकसित करने में मददगार साबित हो सकती है।
हृदय केवल मस्तिष्क के आदेश पर ही काम नहीं करता, बल्कि उसके भीतर मौजूद अपना एक सूक्ष्म तंत्रिका तंत्र भी उसकी धड़कनों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चूहों पर किए गए एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि हृदय के भीतर मौजूद कुछ विशेष तंत्रिका कोशिकाएं तनाव की स्थिति में भी दिल की सामान्य कार्यप्रणाली बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। यह खोज भविष्य में हृदय रोगों के अधिक सटीक और प्रभावी उपचार विकसित करने का रास्ता खोल सकती है।
विज्ञापन
तंत्रिका तंत्र कैसे काम करता है?
जर्नल सेल में प्रकाशित इस अध्ययन में येल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने हृदय के भीतर मौजूद आंतरिक तंत्रिका तंत्र (इंट्रिंसिक कार्डियक नर्वस सिस्टम) का विस्तृत अध्ययन किया। शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक यह माना जाता था कि हृदय की अधिकांश तंत्रिका कोशिकाएं लगभग एक जैसी होती हैं, लेकिन नए अध्ययन से पता चला है कि अलग-अलग प्रकार की ये कोशिकाएं अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, जिस तरह पाचन तंत्र में मौजूद जटिल तंत्रिका नेटवर्क को अक्सर शरीर का "दूसरा मस्तिष्क" कहा जाता है, उसी तरह हृदय के भीतर भी एक स्वतंत्र तंत्रिका तंत्र मौजूद होता है। यह नेटवर्क हृदय के चारों ओर स्थित वसा ऊतक में फैला रहता है। इसकी तंत्रिका कोशिकाएं मस्तिष्क से आने वाले संकेतों को ग्रहण करने के साथ-साथ आपस में भी संदेशों का आदान-प्रदान करती हैं और अंततः हृदय की धड़कनों तथा उसकी कार्यप्रणाली को नियंत्रित करती हैं।
इन तंत्रिका कोशिकाओं को समझना अब तक मुश्किल क्यों था?
हृदय के ऊतक में मौजूद कुल कोशिकाओं का केवल लगभग 0.01 प्रतिशत हिस्सा ही इन तंत्रिका कोशिकाओं का होता है। यही वजह है कि अब तक इनके वास्तविक कार्यों को समझना वैज्ञानिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इस समस्या को दूर करने के लिए शोधकर्ताओं ने आनुवंशिक रूप से संशोधित चूहों का उपयोग किया, जिससे हृदय की सभी तंत्रिका कोशिकाओं की स्पष्ट पहचान संभव हो सकी। इसके बाद वैज्ञानिक उनके व्यवहार और अलग-अलग भूमिकाओं का विस्तार से अध्ययन कर सके।