खाना पाने की कोशिश के दौरान फलस्तीनियों पर गोलीबारी।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि इस्राइली टैंकों ने हजारों लोगों की भीड़ पर कम से कम दो गोले दागे। यह भीड़ खान यूनिस होती हुई मुख्य पूर्वी सड़क पर सहायता ट्रकों से भोजन प्राप्त करने की कोशिश में एकत्रित हुई थी। नासर अस्पताल में भर्ती एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, अचानक उन्होंने हमें आगे बढ़ने दिया और सभी को इकट्ठा किया। इसके बाद टैंक से गोले दाग दिए। उनमें कोई दया नहीं थी। लोग मर रहे हैं। अपने बच्चों के लिए भोजन जुटाने के प्रयास में मर रहे हैं। फलस्तीनी चिकित्सकों ने कहा कि गोलाबारी में कम से कम 59 लोग मारे गए और 221 घायल हुए हैं। इनमें कम से कम 20 की हालत गंभीर है। घायलों को कारों, रिक्शा व गधा गाड़ियों में अस्पताल लाया गया।
इस्राइली सेना ने एक बयान में कहा, खान यूनिस के क्षेत्र में गोलाबारी की सूचना की जांच की जा रही है। किसी भी नागरिक को हुए नुकसान के लिए सेना को खेद है। सेना का प्रयास है कि नागरिकों को कम से कम नुकसान हो।
अकाल के कगार पर गाजा
इस्राइल की नाकाबंदी और सैन्य कार्रवाई ने गाजा को अकाल के कगार पर पहुंचा दिया है। गाजा में इस समय मानवीय संकट चरम पर है। महीनों से जारी इजरायल-हमास युद्ध के चलते इलाके में खाद्य सामग्री, दवाओं और बिजली की भारी किल्लत है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही राहत नहीं पहुंची, तो गाजा में भुखमरी और बीमारी से बड़े पैमाने पर मौतें हो सकती हैं। वहीं, इस्राइल और अमेरिका का कहना है कि उन्होंने नई खाद्य वितरण प्रणाली की शुरुआत हमास को मानवीय सहायता चुराने और उसका उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में करने से रोकने के लिए की है। जबकि संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि किसी भी व्यवस्थित तरीके से सहायता पहुंचाने का कोई सबूत नहीं है।
यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने युद्ध खत्म करने का किया आह्वान
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि गाजा में इस्राइल फलस्तीनियों पर कहर ढा रहा है। उन्होंने इस्राइली अधिकारियों से युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने की अपील की। बता दें कि गाजा में इस्राइल हमले में अब तक 50 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हुई है।