फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bangladesh: 'बांग्लादेश-भारत संबंध दक्षिण एशिया के लिए मॉडल'; हसीना ने कहा- भारत के सहयोग को कभी नहीं भूल सकते

Wed, 03 Jul 2024 01:42 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

बांग्लादेश दौरे पर गए भारतीय नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध दक्षिण एशिया के लिए मॉडल हैं। 
विज्ञापन
नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी - फोटो : ani
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध दक्षिण एशिया के लिए मॉडल के रूप में देखा जाना चाहिए।

विज्ञापन


हसीना ने यह टिप्पणी भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान की। एडमिरल त्रिपाठी ने संसद भवन कार्यालय में हसीना से मुलाकात की।

नौसेना प्रमुख बांग्लादेश की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं

एडमिरल त्रिपाठी 30 जून से बांग्लादेश की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। एडमिरल की इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा जुड़ाव को मजबूत करने और समुद्री क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते तलाशने का है। 
विज्ञापन


दो महीने पहले नौसेना की कमान संभालने के बाद एडमिरल त्रिपाठी की यह आधिकारिक विदेश यात्रा है।
 

'बांग्लादेश में घर जैसा महसूस होता है'
त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें बांग्लादेश में उन्हें घर जैसा महसूस होता है क्योंकि प्रकृति के मामले में बांग्लादेश और भारत के बीच काफी कम अंतर है। 

उन्होंने कहा कि दोनों देशों की नौसेनाओं ने एक अद्वितीय पेशेवर संबंध विकसित किया है, जहां "अगर बांग्लादेश की नौसेना कोई सहयोग चाहती है, तो भारतीय नौसेना के पास 'नहीं' कहने का कोई विकल्प नहीं है।"

 प्रधानमंत्री हसीना के प्रेस सचिव नईमुल इस्लाम खान ने उनके हवाले से कहा, "बांग्लादेश और भारत ने बातचीत के माध्यम से कई समस्याओं का समाधान किया। यह संबंध कई अन्य पड़ोसी देशों के लिए एक मॉडल और उदाहरण हो सकता है।"

1971 के युद्ध में भारत के सहयोग को हमेशा याद रखेंगे
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने 1971 के युद्ध को याद करते हुए कहा कि हम अपने मुक्ति संग्राम के दौरान भारतीय लोगों की सहायता और उनके योगदान को हमेशा याद रखते हैं।
विज्ञापन


हसीना ने कहा कि दोनों पड़ोसियों ने भूमि सीमाओं और समुद्री सीमाओं के लंबित मुद्दों को हल किया जो द्विपक्षीय संबंधों का उदाहरण स्थापित करने के लिए अन्य मुद्दों में से एक थे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें