अभियोजन पक्ष ने आरोपपत्र में कहा कि इस साल छह मई से सीसी-1 नामक एक सरकारी व्यक्ति और गुप्ता के बीच टेलीफोन और विशेष एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन पर बातचीत शुरू हुई।
अमेरिका में संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिश रचने के आरोपी भारतीय नागरिक (निखिल गुप्ता) ने इस आश्वासन के बाद साजिश में शामिल होना स्वीकार किया कि गुजरात में उसके खिलाफ चल रहा एक आपराधिक मामला रद्द कर दिया जाएगा।
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अभियोजन पक्ष ने आरोपपत्र में कहा कि इस साल छह मई से सीसी-1 नामक एक सरकारी व्यक्ति और गुप्ता के बीच टेलीफोन और विशेष एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन पर बातचीत शुरू हुई। इसमें सीसी-1 ने गुप्ता से भारत में उसके खिलाफ एक आपराधिक मामले को खारिज कराने में सीसी-1 की सहायता के बदले दो लोगों की हत्या का बंदोबस्त करने को कहा था, जिसमें एक लक्ष्य न्यूयॉर्क में था और दूसरा कैलिफोर्निया में।
इसमें कहा गया है कि इसके बाद गुप्ता ने साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए नई दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से सीसी-1 से मुलाकात भी की। इसके अलावा, इस सौदे के लिए एक लाख में अमरीकी डॉलर यानी लगभग 83,37,310 रुपये के भुगतान पर सहमति बनी थी और जून में 15 हजार डॉलर यानी लगभग 12,50,597 रुपये का भुगतान भी किया गया था।