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यमन में भारतीय पादरी को आईएस ने किया अगवा

Mon, 07 Mar 2016 04:13 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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भारतीय पादरी टॉम उजुनालिल को आतंकियों ने अगवा कर लिया - फोटो : facebook
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यमन में मदर टेरेसा की मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ओर से चलाए जा रहे एक केयर होम पर हमला होने के बाद से लापता भारतीय पादरी टॉम उजुनालिल को आतंकियों ने अगवा कर लिया है। माना जा रहा है कि हमला करने वाले इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकवादी थे, जिन्होंने टॉम को अगवा कर लिया।
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रविवार को अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। यमन के अधिकारियों ने मदर टेरेसा की मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ओर से अदन में बुजुर्ग शरणार्थियों के लिए  चलाए जा रहे केयर होम पर शुक्रवार को हुए हमले के लिए आईएस को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीटकर कहा, ‘यमन एक संघर्षरत जोन है। वहां हमारा दूतावास नहीं है, लेकिन हम फादर टॉम उजुनालिल को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ 
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  Yemen is a conflict zone.We do not have Embassy there.But we will spare no efforts to rescue Father Tom Uzhunnalil. https://t.co/9fsteD712b — Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) March 6, 2016


विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शुक्रवार को यमन में आतंकियों के हमले में मारी गईं चार विदेश नन में एक भारतीय नन भी शामिल थी। मालूम हो कि इस हमले में एक यमनी गार्ड समेत 16 लोगों की मौत हो गई थी। यमन के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि हमारी जानकारी के मुताबिक अदन के केयर होम पर हमला करने वाले आतंकवादियों ने फादर टॉम उजुनालिल (56) को अगवा किया है।

आतंकवादी उनको अज्ञात स्थान पर ले गए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आईएस ने हमला किया था। वहीं, वेटिकन के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पिएट्रो पैरोलिन ने बताया कि इस खबर से पोप फ्रांसिस्को को गहरा दुख पहुंचा है।

यमन में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के हमले के बाद से लापता फादर टॉम उजुनालिल को बचाने के लिए भारत कोई कसर नहीं छोड़ेगा। मदर टेरेसा की मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ओर से चलाए जा रहे एक केयर होम पर आईएस के हमले के बाद से उजुनालिल लापता हो गए थे।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘यमन एक संघर्षरत जोन है। वहां हमारा दूतावास नहीं है, लेकिन हम फादर टॉम उजुनालिल को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शुक्रवार को यमन में आतंकियों के हमले में मारी गईं चार विदेश नन में एक भारतीय नन भी शामिल थी। इस हमले में एक यमनी गार्ड और 15 कर्मचारियों की मौत हो गई थी। 
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