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Tejasvee Ghosalkar: दहिसर में तेजस्वी की जीत कैसे बनी भाजपा की बड़ी कहानी? फेसबुक लाइव पर हुई थी पति की हत्या

Fri, 16 Jan 2026 07:17 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Who is Tejasvee Ghosalkar: दहिसर वार्ड-2 से भाजपा उम्मीदवार तेजस्वी घोसालकर की जीत सिर्फ चुनावी नतीजा नहीं है। फेसबुक लाइव के दौरान पति की हत्या के बाद यह मुकाबला बेहद संवेदनशील हो गया था। भारी वोटों से जीत ने भाजपा को मजबूती दी और मुंबई की राजनीति में भावनात्मक असर छोड़ा। आइए जानते हैं इस जीत के क्या मायने हैं।
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तेजस्वी घोसालकर और उनके पति - फोटो : X-tejasvee27
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विस्तार
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मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजों के दिन दहिसर इलाके से आई एक जीत ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया। हाल ही में भाजपा में शामिल हुईं तेजस्वी घोसलाकार ने दहिसर वार्ड नंबर-2 से जीत दर्ज की। यह जीत सिर्फ एक वार्ड की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके पीछे एक दर्दनाक और चर्चित घटना की पृष्ठभूमि जुड़ी है। तेजस्वी के पति और पूर्व नगरसेवकअभिषेक घोसलाकार की फेसबुक लाइव के दौरान हुई हत्या ने इस मुकाबले को बेहद संवेदनशील बना दिया था।

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जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, दहिसर वार्ड-2 के रुझान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। भाजपा उम्मीदवार तेजस्वी घोसालकर ने शिवसेना यूबीटी की उम्मीदवार धनश्री कोलगे को बड़े अंतर से हराया। तेजस्वी को 16,484 वोट मिले, जबकि धनश्री कोलगे को सिर्फ 5,729 वोटों से संतोष करना पड़ा। शुरुआती घंटों में ही यह साफ हो गया कि दहिसर में भाजपा की पकड़ मजबूत हो चुकी है और यह जीत भावनात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से अहम मानी जा रही है।

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तेजस्वी घोसालकर कौन हैं और भाजपा में क्यों आईं?
तेजस्वी घोसालकर पिछले महीने ही भाजपा में शामिल हुई थीं। 15 दिसंबर को उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी जॉइन की थी और मुंबई भाजपा इकाई के अध्यक्ष अमीत सताम ने उनका स्वागत किया था। बताया जाता है कि परिवार के भीतर राजनीतिक विरासत को लेकर मतभेद उभरे थे। इससे पहले तेजस्वी दरेकर नाम से जानी जाने वाली तेजस्वी वार्ड नंबर-1 से नगरसेवक रह चुकी हैं। यह वही इलाका है जिसमें बोरीवली और दहिसर के हिस्से आते हैं और पहले इसका प्रतिनिधित्व अभिषेक घोसालकर करते थे।

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फेसबुक लाइव के दौरान हत्या की पूरी कहानी क्या है?

  • फरवरी 2024 में अभिषेक घोसालकर की उनके कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
  • यह घटना फेसबुक लाइव प्रसारण के दौरान हुई थी।
  • आरोपी मौरिस नोरोन्हा भी उसी वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।
  • दोनों के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव चल रहा था।
  • मौरिस ने सुलह के बहाने अभिषेक को अपने कार्यालय बुलाया और संयुक्त फेसबुक लाइव का प्रस्ताव दिया।
  • लाइव के दौरान दोनों ने जरूरतमंदों को साड़ी और राशन बांटने की बात कही।
  • कुछ देर बाद मौरिस कैमरे से बाहर गया और तभी गोलियां चलीं।

दहिसर वार्ड-2 में मुकाबला कितना कड़ा था?
दहिसर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर-2 में यह मुकाबला सिर्फ पार्टियों के बीच नहीं था, बल्कि पूर्व मित्रों के बीच सियासी टकराव भी था। तेजस्वी घोसालकर और धनश्री कोलगे कभी एक-दूसरे के करीबी मानी जाती थीं। लेकिन इस चुनाव में दोनों आमने-सामने थीं। शुरुआती रुझानों से ही भाजपा की बढ़त साफ दिखने लगी थी, जिसने अंत में निर्णायक जीत का रूप ले लिया।

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इस जीत के क्या राजनीतिक मायने हैं?
तेजस्वी घोसालकर की जीत को भाजपा के लिए भावनात्मक लहर और मजबूत संगठन का नतीजा माना जा रहा है। यह जीत दिखाती है कि दहिसर जैसे अहम शहरी इलाके में मतदाताओं ने सहानुभूति और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दी। साथ ही यह संदेश भी गया कि निजी त्रासदी के बावजूद राजनीति में नई शुरुआत संभव है। आने वाले समय में यह जीत मुंबई की राजनीति में नए समीकरण बना सकती है।

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