जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा ही उन्हें पार्टी से बाहर निकाले जाने के बारे में कोई नोटिस नहीं मिला है। इसलिए वह अपनी भी पार्टी का हिस्सा है। उन्होंने हालिया घटनाक्रम को लेकर अमर उजाला के साथ बात की है। आइए विस्तार से जानतें हैं, उन्होंने क्या कहा...
75 की उम्र पार कर चुका हूं, अब राजनीति में बचा क्या है? राजनीति में गंदगी से बचे रहें तो इससे अच्छा क्या है? यह दोनों सवाल जदयू के धाकड़ प्रवक्ता के रूप में पहचाने जाने वाले केसी त्यागी बड़े शौक से उछालते हैं। फिर बड़ी ठसक से कहते हैं कि अभी मैं पार्टी (जदयू) में हूं। मुझे निकाले जाने का कोई नोटिस पार्टी ने नहीं थमाया है।
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कांग्रेस के पुराने नेता जर्नादन द्विवेदी कभी कहा करते थे कि केसी त्यागी ने समय के साथ खुद को बहुत मैच्योर किया है। त्यागी के पास भले ही लंबे समय से अपनी पार्टी के राजनीतिक पद के अलावा किसी सदन की सदस्यता न रही हो, लेकिन राजनीति में उनकी बेबाक टिप्पणी हमेशा अपनी जगह बनाए रखी है। हालांकि केसी त्यागी जिस शरद यादव का बड़ी इज्जत से नाम लेते हैं, जब शरद और नीतीश में दूरियां बनीं थीं तो वह बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बने रहने में अपनी भलाई समझ कर रह गए थे। अब एक बार सवाल उठ रहा है कि क्या उसी जदयू ने केसी त्यागी को बाहर का रास्ता दिखा दिया?
सुनिए अमर उजाला के सवाल पर केसी का जवाब...
केसी त्यागी ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई नोटिस नहीं मिला है। जब तक उन्हें इसकी अधिकारिक सूचना न मिले, ऐसे सवाल पर क्या कह सकते हैं? त्यागी कहते हैं कि वह तो जदयू में हैं। त्यागी ने कहा कि उन्होंने जीवन में विचार की राजनीति की है। समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता के पथ पर चले हैं। उनके कंधे पर जेपी, चौधरी चरण सिंह का हाथ रहा है। बाद में शरद यादव, नीतीश कुमार के साथ आगे चले हैं। त्यागी ने कहा कि राजनीति में इन नेताओं ने खुद को गंदगी से बचाए रखा। मेरी (केसी त्यागी) भी अब तक की उपलब्धि यही है कि गंदगी से दूर रहूं और हूं।
फिर आपके निष्कासन की मीडिया में चर्चा क्यों?
केसी त्यागी इस सवाल के बारे में कहते हैं कि मेरे जैसा आदमी इस पर क्या टिप्पणी करेगा? हो सकता है किसी ने इसकी हवा मीडिया में उड़ाई हो? मीडिया में अब पहले जैसे लोग मुख्यधारा में नहीं रह गए हैं। उन्होंने हवा उड़ाने वाले के हित में इस अफवाह को अपने समाचार चैनल पर चला दिया हो। केसी त्यागी के मुताबिक राजनीति में भी बहुत शीत युद्ध चलता रहता है। कुछ पटना में, कुछ दिल्ली में तापमान चढ़ता, उतरता रहता है। हो सकता है यह सब उसी का हिस्सा हो। अमर उजाला से बातचीत में केसी त्यागी ने कहा कि जब तक उन्हें पार्टी से इसकी अधिकारिक सूचना नहीं मिलती, तब तक वह जदयू के नेता के तौर पर समाजवाद और धर्म निरपेक्षता की अलख जगाते रहेंगे।